गाजियाबाद। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) में दो चरण की लॉटरी में शासन स्तर से पात्र 5309 में से कुल 1828 बच्चों को ही दाखिला मिल सका है। स्कूलों की मनमानी के कारण 3481 बच्चों का प्रवेश अब तक नहीं हो पाया है। पहले चरण की लॉटरी में एक माह से अधिक चली दाखिला प्रक्रिया में 3606 पात्र बच्चों में से केवल 1712 बच्चों को प्रवेश मिल सका है।
पहली लॉटरी में 1894 बच्चों के अभिभावक दाखिले के लिए स्कूलों और विभागीय अधिकारियों के चक्कर काटने को विवश हैं। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल आवंटन पत्र जारी करने के बावजूद तमाम स्कूलों ने बच्चों को प्रवेश देने से इन्कार कर दिया है। अभिभावकों की ओर से बीएसए कार्यालय में की गई लिखित शिकायत में कहा गया है कि उन्हें प्रवेश देना तो दूर, स्कूल वाले विद्यालय परिसर में प्रवेश नहीं करने दे रहे हैं। अभिभावकों की ओर से किए गए धरना प्रदर्शन का कोई नतीजा नहीं निकला है। बीएसए विनोद कुमार मिश्र का कहना है कि 15 मई के बाद टीमों का गठन कर पात्र बच्चों के स्कूलों में प्रवेश कराए जाएंगे। आदेश न मानने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
दूसरे चरण में 1587 बच्चों को नहीं मिले दाखिले
आरटीई सत्र 2023-24 के दूसरे चरण की लॉटरी 20 अप्रैल को जारी की गई। फिर बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से अभिभावकों को 28 अप्रैल से स्कूल आवंटन-पत्र का वितरण किया गया। स्कूल आवंटन पत्र को बांटे हुए 10 दिन से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक दूसरी लॉटरी के पात्र 1703 में से पात्र 1587 बच्चों को दाखिले नहीं मिले हैं। दूसरी लॉटरी में से अब तक सिर्फ 116 अभिभावकों को दाखिले मिले हैं।
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परेशानी, 15 मई के बाद होने लगेंगी छुट्टियां
बेसिक शिक्षा विभाग सहित पूरा प्रशासनिक अमला इस वक्त निकाय चुनाव को कराने में जुटा हुआ है। आरटीई दाखिलों में हो रही देरी का खामियाजा अभिभावकों को भुगतना होगा। आरटीई में दूसरा चरण तो दूर पहले चरण के भी दाखिले नहीं हुए हैं। 15 मई के बाद स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां होने लगेंगी। विभागीय स्तर पर चुनाव बाद 15 मई से दाखिले कराने की बात कही गई है। ऐसे में अभिभावकों को गर्मियों की छुट्टियां होते ही दाखिले खटाई में पड़ने की चिंता सताने लगी है।