गाजियाबाद। देशभर में मोबाइल टावरों से आरआर यूनिट चोरी के मामले में पुलिस को पता चला कि 2023 में करीब नौ हजार आरआर यूनिट चोरी हुई हैं। इनकी कीमत 400 करोड़ रुपये से ज्यादा की है। जबकि 2022 में केवल 29 आरआर यूनिट चोरी हुई थी। चोरी के अधिकांश मामले दिल्ली एनसीआर में हुए हैं। टेलीकॉम कंपनी ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की तो मामले को गंभीरता से लेकर डीजीपी ने इस मामले में गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, कानपुर और आगरा कमिश्नरेट के साथ अन्य कई जिलों को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई के लिए कहा है। पुलिस को जांच में पता चला कि आरआर यूनिट चोरी कर विदेश भेजी जा रही हैं जो सस्ते दामों में बेची जा रही है। ये एक ही टेलीकॉम कंपनी के टावरों से चोरी की जा रही हैं। हाल में नंदग्राम क्षेत्र में दो टावरों से पांच आरआर यूनिट चोरी हुई हैं।
एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद का कहना है कि आरआर यूनिट चोरी करने वाले गिरोह के 18 बदमाशों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनसे आरआर यूनिट समेत करीब छह करोड़ से ज्यादा का माल बरामद भी किया गया है। हाल में पकड़े गए बदमाशों से जावेद का नाम भी सामने आया है। जो बड़े स्तर पर गिरोह को संचालित कर रहा है। उसके जरिये ही चोरी का माल विदेश भेजा जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
-छह बदमाशों पर किया गया 50-50 हजार का इनाम
डीजीपी के पत्र के बाद कमिश्नरेट पुलिस ने कार्रवाई में तेजी दिखाते हुए आरआर यूनिट चोरी करने वाले फरार चल रहे छह बदमाशों पर 25-25 हजार से बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये का इनाम कर दिया है। पुलिस जल्द ही इन्हें गिरफ्तार करने के लिए दबिश दे रही है।
चीन, बांग्लादेश भेजी जा रहीं आरआर यूनिट
चोरी करने वाले और कबाड़ी आरआर यूनिट को कोड वर्ड में डिब्बा बोलते हैं। पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है। जांच में पुलिस को पता चला है कि दिल्ली के मुस्तफाबाद के कई लोगों का नाम सामने आए हैं। इसमें जावेद मुख्य रूप से गिरोह को संचालित कर रहा है। आरआर यूनिट को लेने के बाद उसे चीन, बांग्लादेश और नेपाल तक बेचा जा रहा है। यूनिट एयर ट्रांसपोर्ट से भेजी जाती हैं।
टावर की सुरक्षा में तैनात गार्ड भी संदिग्ध
पुलिस ने गिरोह के अभी तक जो बदमाश पकड़े हैं। जांच में पता चला कि टावर की मेंटिनेंस व देखभाल करने वाली कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत से चोरी की जा रही है। उन्हें आरआर यूनिट के बारे में जानकारी होती है तो वह आसानी से चोरी कर फरार हो जाते हैं। इसके अलावा चोरी किया माल 3-4 दिनों में ही विदेश भेज दिया जाता है।