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Ghaziabad News: दुहाई डिपो के पास 416.97 हेक्टेयर में बसेगा आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र

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गाजियाबाद। महायोजना-2031 का प्रस्ताव जीडीए बोर्ड से पास होने के बाद विकास की योजनाओं का खाका तैयार होने लगा है। भू-उपयोग तय होने के बाद निजी कंपनियां निवेश के लिए जीडीए से संपर्क करने लगी हैं। सबसे ज्यादा विकास की योजनाएं दिल्ली-मेरठ रोड पर गुलधर और दुहाई रैपिड कॉरिडोर के पास आएंगी। इस क्षेत्र की जमीन को मिश्रित भू-उपयोग के लिए घोषित किया गया है। दुहाई डिपो के पास 416.97 हेक्टेयर जमीन आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए तय किया गया है।
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दुहाई डिपो और दुहाई स्टेशन के पास एकीकृत शहरी विकास के लिए 909.82 हेक्टेयर जमीन तय की गई है। इस क्षेत्र में एक ही भूखंड में दुकान व मकान बनाने की सुविधा दी जा रही है। भूखंड पर निर्माण के लिए भूखंड मालिक को जीडीए से नक्शा पास कराना होगा। वहीं, इस क्षेत्र में गेम जोन, मॉल, मल्टीप्लेक्स, शोरूम व दुकानें खोली जा सकेंगी। इससे जहां इस क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा वहीं, जीडीए की आय में भी इजाफा होगा।


4261.43 हेक्टेयर क्षेत्र टीओडी जोन में शामिल
रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम कॉरिडोर के डेढ़ किलोमीटर के क्षेत्र में टीओडी जोन घोषित किया जा चुका है। महायोजना के पास होने से इस जोन में 4261.43 हेक्टेयर क्षेत्र में फ्लोर एरिया रेशियो की छूट दी जाएगी। यहां भी भवन के साथ दुकान बनाई जा सकेगी। निर्माण करने वाले को पांच एफएआर दिया जाएगा। दो मंजिल मकान को पांच मंजिल तक बनाया जा सकेगा। इसके लिए जीडीए से संशोधित नक्शा पास कराना होगा। इससे लोगों को अतिरिक्त जगह मिलने के साथ ही घर में ही व्यावसायिक गतिविधियों को संचालित करने की अनुमति मिल सकेगी। वहीं, दिल्ली मेट्रो कॉरिडोर से पांच-पांच सौ मीटर के दायरे में टीओडी जोन घोषित किया गया है। बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास होने के बाद ब्लू लाइन के साथ 153.98 हेक्टेयर और रेड लाइन के साथ 482.63 हेक्टेयर जमीन को मिश्रित भू-उपयोग के लिए तय कर दिया गया है। इससे इस क्षेत्र में निवेश बढ़ने के साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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हरनंदी नदी के साथ रिवर फ्रंट विकास क्षेत्र घोषित
बोर्ड बैठक में हरनंदी नदी के साथ रिवरफ्रंट विकास क्षेत्र के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह का कहना है कि नदी किनारे रिवरफ्रंट को विकसित किया जाएगा। इसी के साथ ही नदी क्षेत्र में किसी प्रकार का आवासीय या व्यावसायिक निर्माण नहीं किया जा सकेगा। पर्यावरण संरक्षण और सुधार को ध्यान में रखकर यह प्रस्ताव तैयार किया गया था।

महायोजना 2031 में तय भू-उपयोग पर एक नजर

आवासीय : 39.85 प्रतिशत
व्यावसायिक : 2.18 प्रतिशत
औद्योगिक : 10.68 प्रतिशत

मिश्रित : 1.82 प्रतिशत

कार्यालय : 02 प्रतिशत

सार्वजनिक - 6.65 प्रतिशत

मनोरंजन - 19.67 प्रतिशत

परिवहन - 12.79 प्रतिशत

नान कंफर्मिंग - 4.36 प्रतिशत



महायोजना-2031 को बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद फाइनल ड्रॉफ्ट जल्द ही शासन के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। महायोजना के लागू होने के बाद जिले में आवासीय, व्यावसायिक व परिवहन समेत अन्य क्षेत्रों में तेजी से विकास होगा। आने वाले समय में गाजियाबाद दिल्ली-एनसीआर में विकास की ऊंचाइयों पर होगा। निवेश के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। - अतुल वत्स, जीडीए उपाध्यक्ष
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