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Ghaziabad News: एमबीबीएस व बीएएमएस की कॉपियां बदलने के आरोपियों की तीन अगस्त तक बढ़ी रिमांड

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गाजियाबाद। धन शोधन निवारण अधिनियम व भ्रष्टाचार निवारण अदालत के विशेष न्यायाधीश वत्सल श्रीवास्तव ने डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाले छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं बदलने के तीनों आरोपियों की ईडी रिमांड तीन अगस्त तक बढ़ा दी है। तीनों आरोपी परीक्षा कराने वाला एजेंसी संचालक डेविड मारियो डेनिस, टेंपो चालक देवेंद्र सिंह और छात्र नेता राहुल पाराशर आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में अंक बढ़वाने के लिए एमबीबीएस व बीएएमएस परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं बदलवा देते थे।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तीनों आरोपियों को 22 जुलाई को अदालत में पेश किया था। अदालत ने तीनों को ईडी रिमांड पर भेज दिया था। ईडी के विशेष लोक अभियोजक कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि रिमांड अवधि पूरी होने पर शुक्रवार को तीनों को अदालत में पेश किया गया। साथ ही रिमांड अवधि बढ़ाने के लिए प्रार्थना पत्र पेश किया गया। बचाव पक्ष ने आरोपियों को झूठा फंसाए जाने का तर्क देते हुए रिमांड अवधि बढ़ाने का विरोध किया। अभियाेजन की तरफ से साक्ष्य जुटाने के लिए पूछताछ किए जाने की जरूरत बताकर रिमांड अवधि तीन अगस्त तक बढ़ाने का तर्क पेश किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने रिमांड अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया।

आगरा विश्वविद्यालय में एमबीबीएस व बीएएमएस की पढ़ाई कर रहे छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं बदलने की शिकायत आगरा विश्वविद्यालय के कुलपति विनय पाठक को मिली थी। उन्हें शिकायत मिली थी कि जिस वाहन से कापियां परीक्षा कराने वाली संस्था तक भेजी जाती हैं, वह टैंपो है। उस टैंपो को रास्ते में किसी अन्य जगह पर ले जाकर मनमाने ढंग से कापियां बदल दी जाती हैं। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आगरा पुलिस ने जांच की तो पता चला कि परीक्षा कराने वाली एजेंसी डिजिटेक्स टेक्नोलाजी डेविड मारियो डेनिस की थी।
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इसी एजेंसी का टेंपो चालक देवेंद्र सिंह परीक्षा केंद्र से काॅपियां एकत्र कर एजेंसी के दफ्तर तक ले जाता था। एजेंसी पर पहुंचने से पहले देवेंद्र टैंपो को छात्र नेता राहुल पाराशर के बताए ठिकाने पर ले जाता था। वहां कापी में हेराफेरी की जाती थी। मामले में ईडी ने मनी लांड्रिंग के आरोप में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उनके ठिकानों से अनैतिक रूप से धन अर्जित करने के कई अहम दस्तावेज ईडी को मिले हैं। इसके अलावा कॉपियां बदलने के भी साक्ष्य मिले थे।
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