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Ghaziabad News: वकीलों की हड़ताल से रजिस्ट्री हुई बंद, 10 करोड़ का राजस्व प्रभावित

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गाजियाबाद। हड़ताल के दौरान वकीलों ने तहसील में संपत्तियों की रजिस्ट्री दो दिन से पूरी तरह बंद करा दी है। एआईजी स्टांप पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि दो दिन से रजिस्ट्री बंद होने से 10 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। बार अध्यक्ष राकेश त्यागी कैली ने बताया कि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर वकील बृहस्पतिवार को कचहरी परिसर में पुतला दहन करेंगे। 29 अगस्त से लगातार चल रही हड़ताल 17वें दिन भी जारी रही। कचहरी और तहसील में वकील धरने पर बैठे रहे।
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जिले में सदर तहसील के अलावा लोनी और मोदीनगर में संपत्तियों की रजिस्ट्री होती है। रजिस्ट्री के दौरान स्टांप शुल्क से प्रतिदिन पांच करोड़ रुपये के राजस्व की आय होती है। इसके अलावा रजिस्ट्री कराने वाले बैनामा लेखकों और वकीलों को भी मोटी फीस मिलती है। पहले हड़ताल के दौरान बैनामा लेखक रजिस्ट्री करा रहे थे, जबकि वकील कामकाज से दूर थे। तहसील बार के सचिव विकास त्यागी ने बताया कि मंगलवार से निबंधन कार्यालय और कोषागार में पूरी तरह से काम बंद करा दिया गया है। सचिव ने कहा जब तक वकीलों की मांगे मानी नहीं जाएंगी रजिस्ट्री नहीं होने दी जाएगी। धरने में सचिव स्नेह त्यागी, पूर्व अध्यक्ष योंगेंद्र कौशिक, पूर्व सचिव नितिन यादव, मनोज नागवंशी मौजूद रहे।

एक से डेढ़ लाख रुपये दुकानदारों की उधारी
कचहरी और तहसील में चाय व खाने-पीने का सामान बेचने वाले दुकानदारों की उधारी भी एक से डेढ़ लाख रुपये के बीच पहुंच गई है। चाय विक्रेता प्रदीप सिंह ने बताया कि चाय वकीलों के चैंबरों में जा रही है लेकिन भुगतान हड़ताल के बाद करने के लिए अधिवक्ता कह रहे हैं। काम नहीं होने से स्टांप वेंडर नोटरी और टाइपिस्ट परेशान हैं। अब ये सभी हड़ताल समाप्त होने का इंतजार कर रहे है। बार एसोसिएशन ने आदेश पारित किया है कि कचहरी में टाइपिस्ट, वेंडर फोटो स्टेट और नोटेरी करने वाला कार्य करता हुआ पाया गया तो उससे पांच हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया जाएगा। दुकानदारों का कहना है कि हड़ताल की वजह से पहले ही कचहरी में काम खत्म हो गया था। अगर कोई काम कराने के लिए आता भी है तो उस पर भी बार एसोसिएशन ने रोक लगा दी है। इस स्थिति में उनके सामने भुखमरी के हालात पैदा हो गए हैं।
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