रैपिड रेल के पहले खंड पर निर्माण संबंधी 95 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है। पांच स्टेशनों में से दुहाई डिपो स्टेशन लगभग तैयार है। जबकि साहिबाबाद और गुलधर स्टेशन में निर्माण पूरा होने के बाद फिनिशिंग का कार्य जारी है। मेरठ रोड तिराहा और दुहाई स्टेशन का काम अभी 80 फीसदी पूरा हो चुका है। इसके सितंबर तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में पटरियों को बिछाने, बिजली की लाइनों (ओएचई) और सिग्नल का काम सितंबर तक पूरा हो जाएगा।
एनसीआरटीसी की ओर से दुहाई डिपो में पहली बार शुरू किए गए मेडन टेस्ट रन का 51 सेकेंड का एक वीडियो जारी किया गया है। वीडियो में छह कोच की पहली रैपिड रेल धीमी गति से चलती हुई दिखाई दे रही है। मेडन रन केलिए दुहाई डिपो में 25 केवी की बिजली की लाइन (ओवर हेड यूनिट) को शुरू किया गया।
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ तक प्रस्तावित 82 किमी लंबे रैपिड रेल कॉरिडोर में 30 ट्रेनें दौड़ेंगी। दुहाई डिपो में फिलहाल छह कोच का पहली रैपिड रेल आई है। मार्च 2023 में साहिबाबाद से दुहाई के बीच पहले खंड के शुरू होने पर कुल 13 ट्रेनें ही दौड़ेंगी। दुहाई डिपो में भी एक साथ 13 ट्रेनों को खड़ा करने की व्यवस्था की गई है। बाकी 17 ट्रेन मेरठ के मोदीपुरम में निर्माणाधीन डिपो में खड़ी होंगी।
दुहाई डिपो में एनसीआरटीसी का मुख्य प्रशासनिक भवन बनकर तैयार हो गया है। इसी प्रशासनिक भवन में 82 किमी लंबे रैपिड रेल कॉरिडोर का कमांड एंड कंट्रोल सेंटर होगा। वर्तमान में तेज गति से भवन में उपकरणों को लगाने के साथ अधिकारियों की ट्रेनिंग का कार्य जारी है। अक्तूबर में मुख्य ट्रायल रन के शुरू होते ही कंट्रोल रूम काम करना शुरू कर देगा।
कॉरिडोर के प्राथमिकता खंड को तय समय में जनता के लिए खोलने की तैयारी जारी है। मेडन टेस्ट रन के लिए लाए गए नए एलटीई संचार नेटवर्क ने सफलता पूर्वक प्रदर्शन किया। - पुनीत वत्स, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, एनसीआरटीसी
- साहिबाबाद से दुहाई 17 किमी पहले खंड में निर्माण संबंधी 95 फीसदी काम पूरा
- तीन स्टेशन लगभग तैयार, प्लेटफार्म शेड व फिनिशिंग जारी, दो स्टेशन का 80 फीसदी काम पूरा
- 15 किमी में पटरियां बिछाई गईं, सिग्नल और बिजली की लाइन बिछाने का काम जारी
- 82 किमी लंबे पूरे कॉरिडोर में 2800 में से 1850 पिलर बनकर तैयार
- अक्तूबर 2022 में मुख्य ट्रायल रन, छह माह बाद पहले खंड पर चलेगी रैपिड रेल