गाजियाबाद। साहिबाबाद से दुहाई डिपो तक 17 किमी लंबे प्राथमिकता खंड के स्टेशनों में अंतिम चरण के अधूरे निर्माण कार्य के बीच रैपिड रेल चलने को तैयार है। वर्तमान में साहिबाबाद और दुहाई डिपो स्टेशन का काम पूरा हो चुका है। दूसरी ओर दुहाई स्टेशन में चार में से दो, गुलधर स्टेशन में दो में से एक और मेरठ रोड तिराहा स्टेशन में पांच में में से तीन प्रवेश-निकास द्वार का काम अधूरा है।
नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) का दावा है कि कुछ प्रवेश-निकास द्वार को छोड़कर स्टेशन लगभग तैयार हैं। संचालन के लिए फिलहाल जरूरी प्रवेश-निकास का स्टेशनों पर निर्माण हो चुका है। वर्तमान में प्राथमिकता खंड पर रूट सेफ्टी क्लीयरेंस के लिए कमिश्नर फॉर मेट्रो रेलवे सेफ्टी की ओर से निरीक्षण किया जा रहा है। अगर जल्द सेफ्टी क्लीयरेंस मिलता है तो रैपिड रेल संचालन का रास्ता साफ हो जाएगा। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स का कहना है कि स्टेशनों के कुछ प्रवेश-निकास द्वार का काम अंतिम चरण में चल रहा है। इसके जल्द पूरा होने की संभावना है। दुहाई में दो, गुलधर में एक, गाजियाबाद स्टेशन में दो प्रवेश निकास द्वार का काम पूरा है। ऐसे में संचालन में कोई रुकावट नहीं आएगी।
प्रमुख सचिव आवास ने पहले खंड का किया निरीक्षण:
रैपिड रेल के प्राथमिकता खंड के शुरू होने की दिशा में तेजी से काम जारी है। उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव के बाद मंगलवार को प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण ने पहले खंड का दौरा किया। उन्होंने रैपिड रेल के साहिबाबाद, मेरठ रोड तिराहा, दुहाई डिपो सहित अन्य स्टेशनों पर तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने दुहाई डिपो स्टेशन में यार्ड, मुख्य प्रशासनिक भवन में चल रही गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने रैपिड रेल में सफर भी किया। एक सप्ताह के अंदर प्रदेश सरकार के दो बड़े अधिकारियों के रैपिड प्रथम खंड का दौरा करने से संचालन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। पहले खंड के संचालन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरी झंडी दिखा सकते हैं।
सेफ्टी क्लीयरेंस में बारीकी से हो रही जांच:
रैपिड रेल के पहले खंड पर कमिश्नर फॉर मेट्रो रेलवे सेफ्टी की ओर से सेफ्टी क्लीयरेंस के लिए गहनता से निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण में नई रैपिड रेल के कोच, एलिवेटेड ट्रैक, सिग्नल प्रणाली, प्लेटफार्म स्क्रीन डोर सहित हर तकनीकी की बारीकी से जांच की जा रही है। यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े हर पहलू को जांचा परखा जाएगा। इस प्रक्रिया के जल्द पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। एनसीआरटीसी की ओर से भौतिक सत्यापन के लिए पहले ही सभी जरूरी दस्तावेज सौंप दिए गए हैं। सेफ्टी क्लीयरेंस मिलते ही संचालन की दिशा में अंतिम रुकावट दूर हो जाएगी।