गाजियाबाद। रैपिड रेल के 82 किमी लंबे कॉरिडोर में 12 किमी के भूमिगत भाग के निर्माण ने गति पकड़ ली है। गाजियाबाद में वैशाली से आनंद विहार तक दो-दो किमी की दो समानांतर सुरंग का निर्माण चल रहा है। इनमें से पहली सुरंग का निर्माण का अंतिम चरण में पहुंच गया है। दो किमी लंबी पहली सुरंग का 1.60 किमी के भाग का निर्माण पूरा हो गया है। पहली सुरंग में 400 मीटर के भाग का काम मई तक पूरा होने की प्रबल संभावनाएं हैं।
वहीं, दूसरी समानांतर तैयार हो रही सुरंग का दो किमी में से एक किमी का भाग तैयार हो चुका है। इसके जून तक तैयार होने की संभावना जताई जा रही है। गाजियाबाद में केवल दो किमी का भूमिगत भाग आता है। साहिबाबाद से दिल्ली तक के खंड के जून 2024 तक रैपिड रेल का संचालन शुरू हो सकता है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) की ओर से दिल्ली में भूमिगत भाग में अब तक पहले से तैयार 25,600 टनल सीमेंट के हिस्से (प्री-कास्ट सेगमेंट) का इस्तेमाल किया गया है।
आनंद विहार से वैशाली भूमिगत खंड पर दो और आनंदविहार से अशोकनगर तक दो टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) सुदर्शन को लगाया गया था। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स का कहना है कि भूमिगत हिस्से आनंद विहार से वैशाली तक सुरंग का निर्माण कार्य तेज रफ्तार से जारी है। इस भाग में पहली सुरंग का निर्माण कार्य एडवांस स्तर पर चल रहा है।
मेरठ में छह में से चार सुरंग का निर्माण पूरा
मेरठ में रैपिड रेल के भूमिगत भाग में छह में से चार सुरंग का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। टीबीएम सुदर्शन ने गांधीबाग से बेगमपुल तक पहली सुरंग का निर्माण कार्य अक्तूबर 2022 में पूरा कर लिया था। फिर दिसंबर 2022 में भैसाली से मेरठ सेंट्रल स्टेशन तक दूसरी टनल का निर्माण पूरा हुआ। फरवरी माह के शुरुआत में भैंसाली से मेरठ सेंट्रल तक सामानांतर दूसरी सुरंग का निर्माण पूरा किया गया। बीते माह गांधीबाग से बेगमपुल स्टेशन तक 750 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण पूरा हुआ। अब टनल बोरिंग मशीन सुदर्शन ने भैंसाली से बेगमपुल स्टेशन तक दूसरी समानांतर सुरंग का निर्माण कार्य चल रहा है।