रजिस्ट्री कराने के लिए तय हुआ 10 मिनट का स्लॉट, विरोध में उतरे वकील
गाजियाबाद। संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने के लिए अब ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके तहत प्रत्येक विलेख के लिए 10 मिनट का समय बुक किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था का तहसील बार एसोसिएशन ने विरोध किया है। तहसील के अधिवक्ताओं ने बुधवार को इस व्यवस्था के खिलाफ कलक्ट्रेट पहुंच एआईजी स्टांप, एडीएम वित्त एवं राजस्व और डीएम को ज्ञापन दिया। उन्होंने 10 मिनट के स्लॉट की बंदिश को खत्म किए जाने की मांग की।
12 सितंबर से शासन ने शहरी क्षेत्र में सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के लिए आवंटित क्षेत्र की व्यवस्था को खत्म कर दिया है। अब शहर की किसी भी कॉलोनी में संपत्ति खरीदने वाला व्यक्ति किसी भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्ट्री करा सकता है। इसके लिए ऑनलाइन स्लॉट बुक कराना होगा। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश चंद यादव का कहना है कि पुरानी व्यवस्था में जहां एक सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में 150 से 200 रजिस्ट्री होती थीं, अब सिर्फ 90 रजिस्ट्री हो पा रही हैं। उनका कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग से सिर्फ 10 मिनट का स्लॉट बुकिंग होती है, अगर उस अवधि में किसी कारण से लोग कार्यालय में नहीं पहुंच पाते तो उन्हें फिर बैरंग लौटना पड़ता है। किसी अन्य दिन फिर से स्लॉट बुक कराना पड़ता है। उनका कहना है कि यह व्यवस्था ठीक नहीं है। तहसील बार एसोसिएशन के सचिव केबी सिंह का कहना है कि ऑनलाइन टोकन में समय की पाबंदी और दस्तावेज की संख्या की सीमा को समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री को भी इस नई व्यवस्था में संशोधन किए जाने के लिए पत्र भेजा है।
एक से ज्यादा रजिस्ट्री कराने में हो रही दिक्कत
बैनामा लेखक रामानंद गोयल का कहना है कि अगर क्रेता-विक्रेता को एक से ज्यादा रजिस्ट्री करनी हो तो उन्हें भी दिक्कत आ रही हैं। उन्हें एक ही समय पर अलग-अलग कार्यालय में स्लॉट मिल रहा है। एक समय में वह एक से ज्यादा कार्यालय में उपस्थित नहीं हो सकते। ऐसी स्थिति में उनका एक ही लेखपत्र रजिस्टर्ड हो पा रहा है।