गाजियाबाद। निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर जांच करने वाले रेडियोलॉजिस्ट को अवकाश पर होने की सूचना उसी दिन स्वास्थ्य विभाग के व्हाट्सएप ग्रुप पर देनी होगी। इसके अलावा केंद्र पर पंजीकृत रेडियोलाॅजिस्ट की फोटो और नाम अस्पताल में लगाना होगा। इसका उद्देश्य है कि पंजीकृत रेडियोलॉजिस्ट के अलावा अन्य किसी डॉक्टर या स्टाफ द्वारा अल्ट्रासाउंड जांच करने पर रोक लगाई जा सके। इस संबंध में सीएमओ की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों का पालन नहीं करने वाले केंद्र संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ डॉ.अखिलेश मोहन ने बताया कि जिले में संचालित हो रहे निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालकों को सीसीटीवी कैमरे का फोकस अल्ट्रासाउंड रूम के गेट पर करना होगा। भ्रूण लिंग परीक्षण रोकने और पंजीकृत डॉक्टर के अलावा किसी अन्य मरीजों के अल्ट्रासाउंड किए जाने से रोकने के लिए शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग से इस तरह का नोटिस जारी किया गया है।
जिले में 374 निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र हैं। अक्सर किसी न किसी केंद्र पर नियुक्त डॉक्टर छुट्टी पर रहते हैं। इसके अलावा पिछले दिनों कई मामले ऐसे भी सामने आए हैं, जिनमें डॉक्टर की गैरमौजूदगी में सहायक या अन्य चिकित्सक मरीजों का अल्ट्रासाउंड करते हैं। कई केंद्रों पर मशीनों को सील भी किया गया है। कई सेंटरों पर जो डॉक्टर नियुक्त थे, वह नहीं आ रहे हैं। ऐसे में अल्ट्रासाउंड मशीन का दुरुपयोग होने की आशंका बनी रहती है। अधिकारियों के अनुसार प्रतिदिन सभी केंद्रों की निगरानी करना संभव नहीं है। सीएमओ डॉ.अखिलेश मोहन ने बताया कि इससे भ्रूण लिंग परीक्षण रोकने और अल्ट्रासाउंड मशीनों के दुरुपयोग पर रोक लगाई जा सकेगी।