मुरादनगर। पाइप लाइन मार्ग पर गांव भिक्कनपुर के पास बनाए गए डंपिंग ग्राउंड का विरोध तेज हो गया है। 16 गांव के लोगों ने लामबंद होकर कूड़ा न डलने देने का एलान कर दिया है। विरोध की रणनीति बनाने के लिए 31 दिसंबर को भिक्कनपुर में महापंचायत बुलाई गई है। महायज्ञ शुरू कर दिया गया है। मंगलवार को जैसे ही शहर का कूड़ा लेकर गाड़ियां पहुंची, ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। उनकी पुलिस के साथ नोंकझोंक भी हुई। इसके बाद कूड़ा डाले बगैर ही गाड़ियां लौट गईं।
गांव वालों का कहना है कि नगर निगम ने एक कंपनी को कूड़ा निस्तारण का ठेका दिया था। ठेकेदार ने भिक्कनपुर में तीन साल के लिए जमीन ली। इस पर कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाया जाना था। लेकिन, ऐसा कुछ नहीं हुआ। सिर्फ कूड़ा डाला गया। उसका निस्तारण नहीं किया गया। नतीजा यह हुआ कि 100-100 फुट ऊंचे कूड़े के पहाड़ बन गए। बदबू के मारे आसपास के गांवों का हाल बेहाल हो गया। बीमारियां फैलने लगी हैं। मोरटा, शाहपुर, बहादरपुर, भिक्कनपुर और मकरेड़ा में स्थिति ज्यादा खराब है।
मंगलवार को दोपहर करीब दो बजे नगर निगम के कई वाहन कूड़ा लेकर आए तो ग्रामीणों ने उन्हें रोककर वापस भेज दिया। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों से कहा कि कूड़ा डालने आए वाहनों को निस्तारण स्थल जाने दिया जाये। इस पर पुलिस व ग्रामीणों के बीच बहुत देकर तक नोंकझोक हुई। एसीपी ने हंगामा बढ़ता देख नगर निगम के अधिकारियों को मौके पर आने को कहा। मौके पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश कुमार टीम के साथ पहुंचे। ग्रामीणों व अधिकारियों में करीब एक घंटे तक वार्ता चली जो बेनतीजा रही।
12 स्कूलों के छात्रों ने दी आहुति
डंपिग ग्राउंड के विरोध में डंपिग ग्राउंड समिति व विकास संघर्ष समिति द्वारा मकरेड़ा पेट्रोल पंप पर यज्ञ किया जा रहा है। मंगलवार को कूड़े के पहाड़ से प्रभावित गांवों के 12 स्कूलों के छात्र धरनास्थल पर पहुंचे और महायज्ञ में आहुति दी। डंपिग ग्राउंड के विरोध में महिलाएं व छात्र भी हिस्सा ले रहे है।
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33 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
भिक्कनपुर गांव के पास बने कूड़ा निस्तारण का संचालन का ठेका मैसर्स जिरोन इंजी. प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के पास है। कंपनी के अधिकारी अतुल कुमार का आरोप है कि 23 दिसम्बर को केंद्र पर वाहन चालकों के साथ गाली गलौज कर वाहनों में तोड़फोड़ की गई और चालक को जान से मारने की धमकी देकर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई। एसीपी नरेश कुमार ने बताया कि अतुल कुमार की तहरीर पर सलेक भइया, जयश्री बंसल, दीपक व 30 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
कूड़ा नहीं डलने देने का एलान
विकास संघर्ष समिति गाजियाबाद के सचिव सलेक भइया ने बताया कि गांव निवासी सुधीर चौधरी की करीब साढ़े 21 बीघे जमीन पर तीन साल से कूड़ा डाला जा रहा है। नगर निगम के साथ तीन साल का अनुबंध किसान ने कूड़ा डालने का किया था। किसानों का कहना है कि तीन साल पूरे होने के बाद कूड़ा यहां से उठाने की बात कही गई थी लेकिन नगर निगम ने यहां कूड़ा डालना बंद नहीं किया।
बहादुरपुर निवासी किसान रजनीश त्यागी का कहना है कि कूड़े की बदबू से आसपास के कई गांवों में लोगों को दिक्कत होने लगी है। लोग बीमार हो रहे हैं। भिक्कनपुर के मिंटू प्रधान का कहना है कि कूड़ा अब डालने नहीं दिया जाएगा। शहर का कूड़ा गांव में नहीं आने देंगे।
मथुरापुर के किसान जोगेंद्र भाटी का कहना है कि तीन दिन से कूड़ा नहीं डालने दिया जा रहा है। आगे भी डालने नहीं दिया जाएगा। किसान हरेंद्र चौधरी का कहना है कि नगर प्रशासन ने यदि जबरदस्ती की तो जिला मुख्यालय पर आंदोलन किया जाएगा।