मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने वाले प्राइवेट अस्पताल में नहीं है कोरोना इलाज का साहस - कोरोना संक्रमित मरीज के इलाज को लेकर निजी अस्पतालों में नहीं रूचि - एक भी निजी अस्पताल ने नहीं किया आवेदन माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने का दंभ भरने वाले निजी अस्पताल कोरोना मरीजों का इलाज करने में फिसड्डी साबित हो रहे हैं। प्राइवेट अस्पतालों को कोरोना मरीजों के इलाज के लिए आमंत्रित करने के एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी किसी अस्पताल प्रबंधन ने साहस नहीं दिखाया। जबकि इसके लिए शासन द्वारा प्रोत्साहित करने की भी योजना है। स्थिति इतनी बदतर है कि प्रशासन के बार- बार अनुरोध के बावजूद प्राइवेट अस्पताल मरीजों का इलाज करना तो दूर गेट से ही वापस लौटा देते हैं। सरकारी के अलावा जो लोग प्राइवेट में कोरोना संक्रमण का इलाज कराने चाहते है, उनके लिए शासन स्तर से गाइड लाइन जारी की गई थी। प्रमुख सचिव ने सभी जिले के सीएमओ को पत्र भेजकर कहा था कि सभी जिलों में कोविड लेवल-1, 2 और 3 अस्पतालों को चिन्हित कर लिया गया है। ऐसे निजी अस्पतालों को चिन्हित करने के निर्देश थे, जो कोरोना संक्रमित मरीजों का उपचार कर सकते हैं। उन्हें चिन्हित किया जाए और उनमें कोरोना संबंधी उपचार की सभी व्यवस्थाओं की जांच की जाए। साथ ही ऐसे अस्पताल जो कोरोना संक्रमितों का उपचार करने के इच्छुक हैं, उनके स्टाफ को प्रशिक्षण भी दिया जाए। इन अस्पतालों को सरकार अधिग्रहित नहीं करेगी बल्कि केवल संज्ञान लेगी। इन अस्पतालों में जो मरीज उपचार करवाने चाहेंगे उन्हें अपने खर्चे पर उपचार की सुविधाएं मिलेंगी। सीएमओ की ओर से सभी निजी अस्पतालों को इस संबंध में पत्र भी कर दिया गया, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी किसी भी निजी अस्पताल ने कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करने को लेकर कोई रूचि नहीं दिखाई है। सीएमओ डा. एनके गुप्ता का कहना है कि जिले में अभी किसी भी निजी अस्पताल की ओर से कोई पत्र नहीं आया है।