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उपचार नहीं मिलने से गर्भवती महिला ने तोड़ा ने दम

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बुलंदशहर/खानपुर। लाॅकडाउन के दौरान बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा जनपद में झूठा साबित हो रहा हैं। देहात क्षेत्रों के सरकारी चिकित्सालयों में उपचार न मिलने से गर्भवती महिलाओं का जान आफत में आ रही हैं। समय से उपचार न मिलने पर रविवार को खानपुर क्षेत्र की एक और सात माह की गर्भवती महिला ने दम तोड़ दिया। खानपुर क्षेत्र में पांच दिन में दूसरी गर्भवती महिला की मौत से लोगों में रोष बना हुआ हैं। कोरोना संक्रमण के चलते देशभर में लाॅकडाउन लागू हैं। इस दौरान बीमार रोगियों को समुचित इलाज का शासन ने दावा किया और 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं देने के निर्देश दिए। लेकिन जनपद में जिला महिला अस्पताल जहां 22 दिन से सील हैं। वहीं, देहात क्षेत्रों के प्राथमिक और स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। खानपुर नगर क्षेत्र निवासी किसान राकेश सैनी की पत्नी कैलाशी देवी सात माह की गर्भवती थी। परिजनों के अनुसार राकेश की 10 माह पूर्व शादी हुई थी, रविवार को राकेश की पत्नी कैलाशी को अचानक दर्द होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए, जहां पीड़िता की हालत गंभीर बता सिकंदराबाद के लिए रेफर कर दिया। महिला की हालत गंभीर होने पर निजी अस्पताल में दिखाना चाहा, लेकिन चिकित्सकों के न मिलने पर सिकंदराबाद ले गए। परिजनों का आरोप है कि स्टाफ ने भर्ती करने की जगह महिला को स्वस्थ्य बता घर ले जाने की सलाह दी। लेकिन बाद में महिला की हालत खराब होने पर दवाई दी। इसके बाद भी राहत न मिलने पर और चिकित्सकों के न आने पर रविवार रात महिला ने दम तोड़ दिया। वहीं, सिकंदराबाद संयुक्त चिकित्सालय के प्रभारी डाॅ. एपी सिंह ने बताया कि मामले की रिपोर्ट सीएमओ और जिलाधिकारी को भेज दी गई हैं।
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