गाजियाबाद। एक साल से बंद पावर ऑफ अटार्नी के पंजीकरण गाजियाबाद में जल्द ही फिर शुरू होंगे। स्टांप अधिनियम में संशोधन के बाद अब स्टांप विभाग की ओर से सॉफ्टवेयर में संशोधन कराया जा रहा है। नए संशोधन के बाद अब खून के रिश्तों को छोड़कर अन्य लोगों को पावर ऑफ अटार्नी किए जाने पर बैनामे की तरह सात फीसदी स्टांप शुल्क चुकाना होगा।
स्टांप अधिनियम में संशोधन का गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद प्रदेश के स्टांप आयुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने सभी सहायक स्टांप आयुक्तों को पत्र भेजकर नए नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि पावर ऑफ अटार्नी से संबंधित विलेखों के लिए नए अधिनियम के अनुसार स्टांप शुल्क की देयता सुनिश्चित कराई जाए। गाजियाबाद के एआईजी स्टांप पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि शासन के आदेश के बाद उम्मीद है कि मंगलवार तक पावर ऑफ अटार्नी के विलेख पंजीकरण के लिए ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट मिलने शुरू हो जाएंगे। लोग बैनामे की तरह ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट ले सकेंगे और फिर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में जाकर विलेख का पंजीकरण करा सकेंगे।
यह है पावर ऑफ अटार्नी के नए नियम
अब परिवार के सदस्यों (पिता, माता, पति, पत्नी, पुत्र, पुत्रवधू, पुत्री, दामाद, भाई, बहन, पौत्र-पौत्री (पुत्र का पुत्र-पुत्री) व नाती-नातिन (पुत्री का पुत्र-पुत्री) के मामले में पावर ऑफ अटार्नी के जरिये अचल संपत्ति बेचने का अधिकार देने पर केवल पांच हजार रुपये की स्टांप ड्यूटी लगेगी। इसके अतिरिक्त किसी को भी अचल संपत्ति बेचने का अधिकार देने पर पूरा स्टांप लगेगा। यदि पावर ऑफ अटार्नी में संपत्ति बेचने का अधिकार नहीं होगा तो अधिकतम 100 रुपये का स्टांप ही लगेगा।
50 हजार से ज्यादा लोग कर रहे सुविधा शुरू होने का इंतजार
तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट अशोक कुमार वर्मा का कहना है कि एक साल से पावर ऑफ अटार्नी के विलेख पंजीकरण पर रोक लग जाने से लोग परेशान हैं। करीब 50 हजार से ज्यादा लोग इस सुविधा का दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि शासन की ओर से बीते अक्तूबर में भी इस सुविधा को फिर से शुरू करने की घोषणा की थी लेकिन अभी तक शुरू नहीं हुई। उनका कहना है कि खून के रिश्तों में ही सही, पावर ऑफ अटार्नी शुरू होनी चाहिए।