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Ghaziabad News: 20 साल में दुगनी हुई आबादी नहीं बना नया बिजलीघर

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इंदिरापुरम। 20 वर्ष में इंदिरापुरम की आबादी दो से करीब चार लाख तक पहुंच गई। यहां वर्ष 2002 से 2020 तक कई सोसायटियां बन गई लेकिन इंदिरापुरम स्थापना के साथ ऊर्जा निगम ने जो दस बिजलीघर बनाए थे, उन्हीं पर पूरे इंदिरापुरम का बोझ है। इन बीस वर्ष में यहां की आबादी दोगुनी हो गई लेकिन एक भी नया बिजलीघर न बनने से यहां के लोग दो-दो कर (नगर निगम, जीडीए) चुकाने के बावजूद बिजली कटौती की मार झेल रहे हैं।
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ऊर्जा निगम के मुताबिक इंदिरापुरम के 55 हजार उपभोक्तओं को 18 मेगावाट से भी अधिक बिजली की जरूरी है जबकि निगम अभी केवल 15 मेगावाट बिजली ही उपलब्ध करा पा रहा है। इंदिरापुरम में अंतिम बिजली घर वर्ष 2003-2004 में स्थापित हुआ था। यहां के लोगों की बढ़ती जरूरत के साथ वर्ष 2021-2022 में ऊर्जा निगम ने नए तीन बिजलीघर बनाने की योजना बनाई। रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के तहत विभाग ने तीन जगहों पर बिजली घर बनाने के लिए जमीन भी चिन्हित कर ली लेकिन जीडीए से जमीन न मिलने की वजह से योजना अभी तक अटकी हुई है। वर्तमान में दस बिजली घर से इंदिरापुरम को बिजली आपूर्ति की जा रही है।

सिंगल से मल्टीप्वाइंट कनेक्शन आए उपभोक्ता और बढ़ेगा लोड
टीएचए में करीब 70 बहुमंजिला सोसायटी हैं जहां बड़ी संख्या में लोग रह रहे हैं। ऊर्जा निगम अब तक महज पांच सोसायटी में ही सिंगल से मल्टीप्वाइंट कनेक्शन में बदल सका है। ऊर्जा निगम यदि सभी सोसायटी को मल्टीप्वाइंट कनेक्शन में बदलते हैं तो ऊर्जा निगम पर करीब 50 हजार और उपभोक्ताओं का बोझ बढ़ेगा। वर्तमान में जो ऊर्जा निगम के महज 55 हजार उपभोक्ता हैं सभी सोसायटी के मल्टीप्वाइंट कनेक्शन में बदल जाने के बाद उपभोक्ताओं की संख्या सीधे दोगुनी हो जाएगी।
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इंदिरापुरम में इन 10 जगह पर है बिजलीघर
काला पत्थर रोड, नीतिखंड एक, अभयखंड, नीतिखंड-दो, अहिंसाखंड, शक्तिखंड, शिप्रा सनसिटी, ग्रीन बेल्ट-एक, ग्रीन बेल्ट-दो, ग्रीन बेल्ट-तीन

बिजलीघर के लिए यहां जगह चिन्हित की गई जमीन
अहिंसाखंड-दो, वैभवखंड और श्मशान घाट के पास
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इंदिरापुरम एक नजर में
- 55 हजार उपभोक्ता
- 05 सोसायटी में मल्टीप्वाइंट कनेक्शन
- 18 मेगावॉट बिजली की जरूरत
- 15 मेगावॉट बिजली की आपूर्ति
- 10 बिजलीघर से बिजली की आपूर्ति
- 03 बिजली घर की जरूरत
- 2023 के मुकाबले 2024 में 55 फीसदी बिजली की मांग बढ़ी
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इंदिरापुरम में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए तीन जगह चिन्हित किया गया था। मगर जीडीए की ओर से जमीन नहीं मिल रहा है। जमीन के लिए जीडीए को पत्राचार किया जा रहा है। जमीन मिलते ही नया बिजली घर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। - अजय ओझा, मुख्य अभियंता, जोन तीन, ऊर्जा निगम
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