गाजियाबाद। बिजली का बिल समय से चुकाने में गरीब लोग अमीरों से आगे हैं। इसका पता ऊर्जा निगम की बिल वसूली और बकाया की रिपोर्ट से चलता है। जहां सौभाग्य योजना के गरीब सभी उपभोक्ता हर महीने दस तारीख तक बिल जमा करा देते हैं, वहीं औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर बकाया बिल बढ़ता जा रहा है। यह राशि 120 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। तगादा काॅलिंग योजना के तहत अफसर काॅल कर रहे हैं, लेकिन मशक्कत के बाद भी पैसे वाले सभी उपभोक्ताओं से से पूरा पैसा समय पर नहीं मिल पा रहा।
सौभाग्य योजना तहत जिले में पांच हजार कनेक्शन दिए गए थे। इन उपभोक्ताओं का हर महीने बिल एक हजार से 1200 रुपये के बीच आता है। ऊर्जा निगम के अधिकारियों का कहना है कि इन उपभोक्ताओं को बिल जमा कराने के लिए काॅल नहीं करनी पड़ी। जैसे ही उनके पास बिल पहुंचता है, वैसे ही एक-दो दिन में वे जमा करा देते हैं। उनके बिल की शत-प्रतिशत राशि दस तारीख तक जमा हो जाती है।
इसके विपरीत औद्योगिक और व्यावसायिक वर्ग के 60 हजार ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन्हें काॅल की जाती है। इसके बावजूद सभी लोग समय पर बिल जमा नहीं कराते। इसी वजह से इन श्रेणियों में बकाया राशि बढ़ती जा रही है।
वसूली में तेजी लाने के निर्देश
ऊर्जा निगम के चेयरमैन आशीष गोयल ने बकाया वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इस पर अधिकारियों ने बकायेदार उपभोक्ताओं की सूची बनाने का काम शुरू किया। सबसे ज्यादा बकाया आठ हजार लघु उद्यमियों पर है। यह 60 करोड़ है। इसके अलावा 22 हजार व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर 34 करोड़ रुपये है। ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के 30 हजार से ज्यादा घरेलू उपभोक्ताओं पर 26 करोड़ रुपये बकाया है।
सौभाग्य योजना के तहत बिल समय पर जमा कराए जा रहे हैं। जिन उपभोक्ताओं पर बिल बकाया हैं, उनसे वसूली के लिए अभियान चलाया जाएगा। बकाया जमा न करने वालों के कनेक्शन काट दिए जाएंगे। इसकी योजना बन चुकी है - नीरज स्वरूप, मुख्य अभियंता ऊर्जा निगम