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Ghaziabad News: हिस्ट्रीशीटर पिंकी चौधरी पर और कसा पुलिस का शिकंजा

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दीपक तेवतिया
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गाजियाबाद। मधुबन बापूधाम के गुलधर में खाली मैदान पर झुग्गियां डालकर रह रहे मजदूरों पर किए गए हमले के मामले में गिरफ्तार किए गए हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष और साहिबाबाद थाने के हिस्ट्रीशीटर पिंकी चौधरी उर्फ भूपेंद्र चौधरी पर रविवार को पुलिस ने अपना शिकंजा और कस दिया। उसे हमले के एक और आरोपी बादल उर्फ हरिओम के साथ कोर्ट के सामने पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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पुलिस ने साहिबाबाद में गोकशी के विरोध के नाम पर सड़क जाम करने के मुकदमे में भी पिंकी चौधरी और उसके दस साथियों का नाम खोल दिया है। इतना ही नहीं। राजेंद्रनगर निवासी पिंकी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई करने के लिए पुलिस ने काफी लिखापढ़ी कर ली है। इसकी फाइल तैयार की जा रही है। उसके खिलाफ अब कुल 18 केस दर्ज हो चुके हैं। पुलिस यह भी देख रहे हैं कि इनमें से किस किसमें उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। ऐसे मामलों में कोर्ट से बी वारंट लेने की तैयारी है।
पुलिस अधिकारी इस बार सख्ती के मूड में लग रहे हैं। इसका पता इससे भी चलता है कि शनिवार की रात पिंकी चौधरी की गिरफ्तारी होने पर थाने पहुंचे उसके समर्थकों को पुलिस ने कार्रवाई की चेतावनी देकर वापस कर दिया। इससे पहले हिंदू रक्षा दल के लोग कई बार थाने पर हंगामा कर चुके हैं लेकिन पुलिस ने सख्त रवैया दिखाने से परहेज किया।
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शाहजहांपुर के मजदूरों पर किया था हमला : पिंकी चौधरी और उसके समर्थकों ने शुक्रवार की रात करीब नौ बजे मधुबपन बापूधाम में मजदूरों पर हमला किया था। उनकी झुग्गियां तोड़ डाली थीं। एक झोपड़ी में आग भी लग गई थी। हमलावरों ने मजदूरों को बांग्लादेशी बताया था लेकिन पुलिस की जांच में एक भी बांग्लादेश का नहीं निकला। सभी लोग शाहजहांपुर के निवासी बताए गए। हमले के मजदूर मधुबन बापूधाम से चले गए।



रास्ता जाम करने के मामले
में 11 आरोपियों की पहचान
(साहिबाबाद का केस)
पिंकी चौधरी और उसके 10 साथियों को पुलिस ने एक और मुकदमे में आरोपी बना लिया है। पुलिस की ओर से यह मुकदमा 22 जुलाई को साहिबाबाद थाने में दर्ज किया गया था। इसमें आरोप है कि कुछ लोगों ने गोकशी की आशंका बताकर रास्ते पर जाम लगा दिया। वहां कई गाय बंधी थीं। पुलिस की जांच में साफ हो गया कि मामला गोकशी का नहीं था। आसपास कई लोगों ने गाय पाल रखी हैं। उनकी गायों को ही एक जगह बांधकर इसे गोकशी के प्रयास का मामला बनाने की कोशिश की गई थी। सीसीटीवी फुटेज देखकर इस मामले में अब आरोपियों के नाम खोले गए हैं। ये आरोपी हैं पिंकी चौधरी, योगेश, दीपक, पुनीत, नवीन, अमित, सुरेंद्र, रूपेश, निखिल, मोहित और शिव प्रताप उर्फ सुधीर। सभी साहिबाबाद क्षेत्र के निवासी हैं।



वीडियों से पहचान में आए
हमले के आरोपियों के चेहरे
(गुलधर का मामला)
गुलधर में मजदूरों पर किए गए हमले के मामले में पुलिस ने वीडियो के आधार पर कुछ और आरोपियों की पहचान कर ली है। इनकी तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस ने इनके नाम सन्नी बजरंगी, मोहित पाल और दीपक तेवतिया बताए हैं। दीपक तेवतिया प्रताप विहार का निवासी है और अन्य दोनों विजनयगर की कांशीराम काॅलोनी के हैं। तीनों घर पर नहीं मिले। तीनों के फोन स्विच ऑफ आ रहे हैं। पुलिस ने केस 15-20 अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया था। जेल भेजे गए आरोपियों से पूछताछ में भी पुलिस को कई सुराग मिले हैं। उनके आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि वीडियो को साक्ष्य के रूप में कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा।
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