गाजियाबाद। घूकना में घर में घुसकर युवती दीपमाला की हत्या करने के बाद आरोपी के खुद जहर खाकर जान देने के मामले में पुलिस ने अब हत्यारोपी राहुल चौधरी के दिए गए रिकॉर्डिड बयान की पड़ताल शुरू कर दी है। राहुल ने मौत से पहले बयान दिया था कि हत्या के लिए उसे हथियार दीपमाला के भाई ने मुहैया कराए थे। उसने दीपमाला और उसके परिवार पर छह लाख रुपये उधार होने का भी दावा किया था। पुलिस अधिकारी इस बयान की सच्चाई को जानने के लिए दीपमाला के परिवार के सदस्यों से पूछताछ करेंगे।
बीते बृहस्पतिवार की सुबह आठ बजे बुलंदशहर के गांव सलेमपुर जाट के रहने वाले राहुल चौधरी ने दीपमाला की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद इकट्ठा हुई भीड़ से बचने के लिए उसने खुद को टॉयलेट में बंद कर लिया था। यहां लोगों ने उसका वीडियो बनाया। इसमें वह कहता दिख रहा है कि दीपमाला पर उसके छह लाख रुपये थे। रिकॉर्डिड बयान में उसने कहा था कि दीपमाला के भाई ने अपनी दूसरी बहन के पति को मारने के लिए उसे तमंचा दिया था। उसकी बहन ने किसी अन्य जाति के युवक से प्रेम विवाह कर लिया था। इससे दीपमाला के परिजन नाराज थे। राहुल ने बयान में यह भी कहा था कि तमंचा देकर उसके भाई ने कहा था कि अगर वह उसकी दूसरी बहन के पति को मार देगा तो वह उसकी शादी दीपमाला से करा देंगे। हालांकि पुलिस इस पर बहुत ज्यादा भरोसा नहीं कर रही है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि इस वारदात में कई ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब मिलना बाकी है। उनका कहना है कि राहुल पर पिस्टल और तमंचा कहां से आए, इसका जवाब मिलना भी जरूरी है। उसे यह हथियार किसने उपलब्ध कराए इसकी जांच की जा रही है।
वारदात के समय दीपमाला और राहुल दोनों के मोबाइल थे स्विच ऑफ
पुलिस को अब तक की पड़ताल में पता चला है कि हत्या की इस वारदात के दौरान राहुल चौधरी और दीपमाला दोनों के मोबाइल स्विच ऑफ थे। जिन नंबरों को वह नियमित इस्तेमाल करते थे, उन पर वारदात के समय कोई बात नहीं हुई। अंदेशा यह भी जताया जा रहा है कि हो सकता है कि वारदात से पहले किसी अन्य फोन के माध्यम से इनका संपर्क हुआ हो।
राहुल को कैसे पता चला कि दीपमाला पिता के घर पर ही है
कुछ समय से दीपमाला अपनी मौसेरी बहन और भाई के साथ लालकुआं पर किराए के मकान में रहती थी। दीपमाला के जीजा मोहित चौहान के मुताबिक दीपमाला चार-पांच दिन में एक बार घूकना में अपने पिता के घर आती थी। वारदात से पहली रात ही दीपमाला घूकना में अपने पिता के पास आई थी। राहुल को इस बात की जानकारी कैसे मिली कि वह घूकना में ही है। उसने अगले दिन सुबह आठ बजे ही वारदात को अंजाम दे दिया।