गाजियाबाद। मुरादनगर सीएचसी पर एक महीने में बनाए गए 34 मेडिकोलीगल की सूचना पुलिस को नहीं दी। यह जानकारी हरियाणा के बल्लभगढ़ निवासी तरुण शर्मा द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मांगी जानकारी में बताया गया है। मारपीट के मामलों में चिकित्सीय परीक्षण के बाद पुलिस को सूचना नहीं देने पर उन्होंने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर की है। मामले में शासन स्तर से गहनता से जांच के निर्देश दिए गए हैं।
हरियाणा के बल्लभगढ़ निवासी तरुण कुमार शर्मा ने आरोप लगाया है कि मुरादनगर सीएचसी पर प्रतिदिन औसतन पांच से छह मेडिकोलीगल (चिकित्सकीय परीक्षण) होते हैं। इनमें पुलिस द्वारा करवाए गए मेडिकोलीगल की संख्या औसतन तीन से चार रहती है। दो मेडिकोलीगल चोटिल व्यक्ति या उसके परिजनों के अनुरोध पर किए जा रहे हैं। जिन मामलों में मेडिकोलीगल पुलिस नहीं करवाती है, उनमें अधिकांश की सूचना पुलिस को नहीं दी जा रही है। इस कारण किसी हादसे में घायल या मारपीट का शिकार हुए लोगों को कानूनी सहायता नहीं मिल पा रही है। तरुण कुमार शर्मा ने इसमें भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया है। आरोप है कि जिन मेडिकोलीगल की सूचना पुलिस को नहीं दी जाती, उनमें भ्रष्टाचार किया जा रहा है। इस काम में बड़ा गिरोह सक्रिय है, इसमें डॉक्टर भी शामिल हैं। इस मामले में उन्होंने सूचना अधिकार के तहत मोडिकोलीगल की जानकारी भी मुरादनगर सीएचसी से ली है। मामले में शासन स्तर से गहनता से जांच के निर्देश दिए गए हैं।
सीएमओ डॉ.भवतोष शंखधार का कहना है कि अभी इस मामले में कोई निर्देश नहीं आया है। अगर कोई निर्देश आता है तो पूरे प्रकरण की जांच कराने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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