गाजियाबाद। नंदग्राम पुलिस ने धोखाधड़ी, कूटरचना और गबन के गंभीर मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मुख्य वांछित आरोपियों को पनाह देने वाले छत्तीसगढ़-बिलासपुर के जगदीश ग्रोवर (62) को गिरफ्तार किया है। ग्रोवर पर आरोपियों से पांच करोड़ रुपये लेने और उन्हें छिपाने में मदद करने का आरोप है। एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि जगदीश ग्रोवर को 11 सितंबर 2026 को मोरटा राजनगनर चौकी क्षेत्र से पकड़ा गया। पूछताछ में ग्रोवर ने बताया कि उसकी पुत्री निधि मक्कड़, दामाद वरुण मक्कड़ और नितिन शर्मा उर्फ दीपक शर्मा ने लोगों से धोखाधड़ी की। ये तीनों राइट अर्थ इंफ्रा और एएसआर रीयलटेक के नाम पर आकर्षक दरों पर दुकान या फ्लैट दिलाने का झांसा देते थे। धोखाधड़ी में जगदीश ग्रोवर ने अपने खाते में पांच करोड़ रुपये प्राप्त किए थे। ग्रोवर ने यह भी बताया कि मुकदमे दर्ज होने के बाद वरुण मक्कड़, निधि मक्कड़ और नितिन शर्मा उर्फ दीपक शर्मा फरार होकर उसके छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित मकान पर आए थे। उसने उन्हें अपने घर पर आश्रय देकर पुलिस से छिपाने में सहयोग किया।