गाजियाबाद। जीएसटी चोरी करने वाले नए-नए तरीके ईजाद कर रहे हैं। चोर रास्तों से वाहनों को ले जाने के अलावा अब एक ही ई-वे बिल पर कई-कई ट्रकों में माल ले जाया जा रहा है। त्योहारी सीजन में राज्यकर विभाग की टीमों ने कई ऐसे मामले पकड़े हैं। ई-वे बिल में मामूली हेराफेरी करके माल को ट्रकों से ले जाया जा रहा था। राज्यकर विभाग ने ऐसे वाहनों चालकों या मालिकों से टैक्स के साथ-साथ जुर्माना भी वसूला है। राज्यकर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसी भी माल की ढुलाई के लिए जनरेट किए जाने वाले ई-वे बिल में कटिंग करना गैरकानूनी है। अगर ई-वे बिल में संशोधन करना है तो वह भी ऑनलाइन करना होता है। इसके बावजूद त्योहारी सीजन में स्क्रैप से लदी तीन ऐसी गाड़ियां पकड़ी गई, जिनके लिए सिर्फ एक ई-वे बिल जनरेट किया गया था। एक वाहन चालक के पास असली ई-वे बिल था और दो अन्य के पास उसी में कटिंग करके वाहन नंबर बदलकर ई-वे बिल दे दिया गया था। चेकिंग में मामला पकड़ा गया तो तीनों वाहनों को मोहननगर चेकपोस्ट पर लाकर जांच की गई। इसके बाद टैक्स और जुर्माना वसूल करके ट्रकों को छोड़ा गया। इसी तरह रेडिमेड कपड़ों से लदे दो ट्रकों के ई-वे बिलों में हेराफेरी पकड़ी गई थी। राज्यकर विभाग के अपर आयुक्त ग्रेड-1 दिनेश कुमार मिश्रा ने बताया कि ऐसे कई अन्य मामले पकड़ में आ चुके हैं, जिन पर कार्रवाई की गई है।