मरीज के प्लाजमा से जल्दी दूर होती है बधिरता - मरीज के खून से प्लाज्मा निकाल कर कान के नस में लगाते हैं डॉक्टर माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। कोरोना के संक्रमण काल में प्लाज्मा थेरेपी इलाज में कारगर साबित हो रही है। इस थेरेपी में मरीज जल्दी से संक्रमण मुक्त हो जाता है। अब मरीज के प्लाज्मा से उसकी बधिरता भी दूर की जा रही है। सीनियर ईएनटी सर्जन डा. बीपी त्यागी ने बताया कि थेरेपी से अब लोगों की बधिरता दूर करने में भी मदद मिल रही है। उन्होंने बताया कि इसमें मरीज के खून से प्लाज्मा लिया जाता है और दूरबीन की मदद से कान के पर्दे के पीछे नस के पास लगाया जाता है। इससे सुनने वाली नस में ताकत आ जाती है और मरीज के सुनने की क्षमता बढ़ जाती है। डा. त्यागी ने बताया कि प्लाज्मा थेरेपी से बहुत जल्दी बधिरता दूर हो जाती है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली-एनसीआर में पहले डाक्टर हैं जो इस थेरेपी से मरीजों की बधिरता दूर कर रहे हैं। तीन वर्ष से इस थेरेपी पर कर रहे हैं कार्य डा. बीपी त्यागी ने बताया कि उन्होंने पिछले तीन साल से इस थेरेपी पर काम किया। अब तक एक सौ से अधिक बच्चों और बड़ों की बधिरता दूर कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस थेरेपी को पीआरपी (प्लटेलेट रिच प्लाज़्मा ) थेरेपी भी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि पीआरपी थेरेपी से इलाज के बाद मरीज को महंगे यंत्र कोक्लीअर इंप्लांट की जरूरत नहीं होती। उन्होंने बताया कि इस इंप्लांट के बजाए पीआरपी थेरेपी काफी सस्ती होती है। डा. त्यागी ने बताया कि इस टेक्नीक पर पेपर व केस स्टडीज लिख चुके हैं। जल्द ही इस टेक्नीक पर आधारित पुस्तक भी जारी करेंगे। -------------------- आशुतोष यादव