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पकड़ी गई सीमा: हनीट्रैप में फंसाकर धर्मांतरण कराती थी पादरी की पत्नी, प्रमाण पत्र में हिंदू ही बना था महेंद्र

Sat, 29 Jul 2023 10:41 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

धर्मांतरण मामले में पुलिस ने पादरी की पत्नी सीमा को हापुड़ से गिरफ्तार किया है। सीमा हनीट्रैप में फंसाकर धर्मांतरण कराती थी। गिरोह में कई युवतियां भी शामिल हैं। पादरी पहले ही जेल जा चुका है।
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गिरफ्तार हुई पादरी की पत्नी सीमा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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धर्मांतरण कराने के मामले में जेल भेजे गए पादरी महेंद्र की फरार चल रही पत्नी सीमा को पुलिस ने शुक्रवार को हापुड़ से गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ में पता चला कि वह युवाओं को हनीट्रैप में फंसाती थी। इसके बाद धर्मांतरण के लिए तैयार करती थी। इसमें कई युवतियां उसका सहयोग करती थीं। पुलिस सहयोगी युवतियों की तलाश कर रही है।
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महेंद्र और सीमा पर मोदीनगर के गांव शाहजहांपुर में छात्र का धर्मांतरण कराने का केस दर्ज हुआ था। इसके मुख्य आरोपी पादरी महेंद्र को पुलिस ने तीन दिन पहले पकड़ लिया था। उससे 
पूछताछ में पता चला था कि वह और उसकी पत्नी 100 लोगों का धर्मांतरण करा चुके हैं। इसके बाद से पुलिस सीमा की तलाश में लगी थी। एक सटीक सूचना पर उसे पकड़ा गया। 
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वह मुंबई भागने की फिराक में थी। उसका मायका मुंबई में ही है। दोनों ने हापुड़ में बैथहलम गोस्पल ट्रस्ट और इसी नाम से चर्च बना रखा है। हापुड़ के सूदना निवासी पादरी के पकड़े जाने पर ही यह खुलासा हो गया था कि दोनों को हर महीने लगभग एक लाख रुपये धर्मांतरण कराने के लिए मिल रहे थे। 

जिन लोगों का धर्मांतरण कराते थे, उन्हें भी पैसा दिया जाता था। इसके लिए अलग से रकम मिलती थी। खातों की जांच से पता चला कि अमेरिका से 50 लाख रुपये पादरी के खाते में आ चुके थे। सीमा और महेंद्र की शादी 15 साल पहले हुई थी। महेंद्र ने शादी से आठ साल पहले ईसाई धर्म अपनाया।

एसीपी ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि जांच में सामने आया कि कई युवतियों उनके साथ रहती थी और वह युवाओं को प्रेमजाल में उलझाकर उनसे ईसाई धर्म की तारीफ करती थी। 
शाहजहांपुर से भी कई युवतियां महेंद्र और सीमा के साथ आई थी। पुलिस उनकी भूमिका पता कर रही है। 

 

इसके अलावा महेंद्र खुद भी अनुसूचित जाति से था और उसका सॉफ्ट टारगेट अनुसूचित जाति के लोग ही थी। महेंद्र अनूसूचित जाति के लोगों को ईसाई धर्म अपनाने पर सामाजिक स्तर बढ़ने की बात कहकर उन्हें गुमराह करता था। पुलिस टीम धर्म परिवर्तन कराने में महेंद्र और सीमा के साथ लगे लोगों को तलाश रही है।

प्रमाण पत्र में हिंदू ही बना हुआ था पादरी
धर्मांतरण कर हिंदू से ईसाई बन रहे लोग सरकारी योजनाओं में अपने पुराने प्रमाण पत्र लगाकर लाभ रहे हैं। पादरी महेंद्र भी इनमें शामिल हैं। पुलिस की जांच में आया है कि ये लोग ईसाई धर्म अपनाने के नाम पर पैसा लेते हैं, लेकिन सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए हिंदू धर्म वाले ही प्रमाण पत्र लगाते हैं। पुलिस ने धर्मांतरण कर चुके कई लोगों के प्रमाण पत्र बरामद किए हैं। इनमें धर्म के आगे हिंदू लिखा है।

 

पादरी महेंद्र अनुसूचित जाति से है। उसका जाति प्रमाण पुलिस को मिला है। जांच में पता चला कि वह जाति प्रमाण के जरिये सरकारी योजनाओं का भी लाभ ले रहा था।महेंद्र और उसकी पत्नी अनुसूचित व अनुसूचित जनजाति के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को रुपये व नौकरी का लालच देकर धर्म परिवर्तन करा रहे थे। धर्म परिवर्तन करने वाले अनुसूचित व अनुसूचित जनजाति के लोगों के हिंदू धर्म के ही आधिकारिक दस्तावेज पुलिस को मिले हैं।
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डीसीपी देहात शुभम पटेल ने बताया कि महेंद्र और उसकी पत्नी के कई खाते मिले हैं। जिसमें विदेश समेत कई राज्यों से मोटी रकम भेजी गई है। गिरोह के तार जोड़कर लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। साथ ही धर्म परिवर्तन करने के बाद पूर्व में बने जाति प्रमाण पत्रों के जरिये सरकारी लाभ लेने की भी जांच की जा रही है। उन्हें भी चिन्हित किया जा रहा है।
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