गाजियाबाद। राज्यकर विभाग की टीम ने इंदिरापुरम स्थित पेंट बनाने वाली नामचीन कंपनी के डीलर की फर्म की ओर से की गई 19.66 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के माध्यम से अपने कार्यालय में बैठकर ही अधिकारियों ने इस फर्म की ओर से दाखिल की गई जीएसटी रिटर्न के आंकड़े खंगाल डाले। इसके बाद फर्जीवाड़ा करके लिए गए आईटीसी क्लेम के माध्यम से की गई इस बड़ी चोरी का खुलासा किया। अधिकारियों ने इस फर्म संचालक को सबूतों के साथ नोटिस जारी किया तो टैक्स चोरी की यह 19.66 करोड़ की रकम सरकार के खाते में जमा कराई गई।
जोन-दो के अपर आयुक्त दिनेश कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रतिमाह व्यापारियों की ओर से दाखिल की गई रिटर्न का विभागीय स्तर पर परीक्षण कराया जाता है। फर्म की ओर से माल खरीद-बिक्री के लिए जारी किए गए ई-वे बिल से लेकर आईटीसी क्लेम के डाटा को खंगाला गया। उन्होंने बताया कि कॉरपोरेट सर्किल के ज्वाइंट कमिश्नर दीपरतन की ओर से कराई गई फर्मों की जांच में पाया गया कि एक फर्म संचालक ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में की गई खरीद पर 19.66 करोड़ रुपये ज्यादा आईटीसी क्लेम किया है। जांच के बाद फर्म संचालक को नोटिस जारी किया गया। फर्म संचालक गलत तरीके से आईटीसी क्लेम लेने से इनकार किया तो जीएसटी टीम ने सबूत थमा दिए। इसके बाद फर्म संचालक ने यह रकम सरकार के खाते में जमा कराई।
एआई टूल कर चोरी पकड़ने में कर रहा मदद
अपर आयुक्त ग्रेड-1 दिनेश कुमार मिश्रा ने बताया गया कि ऑनलाइन जीएसटी रिटर्न प्रक्रिया के तहत विभाग के पास ऐसे कई आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस टूल हैं जिनके माध्यम से जीएसटी पोर्टल पर ही फर्म की सभी गतिविधियों, खरीद-बिक्री की जानकारी विभागीय अधिकारी के सामने प्रदर्शित होने लगती हैं। टैक्स चोरी की सूचना भी विभागीय डैशबोर्ड पर उपलब्ध हो जाती है। इस सूचना के बाद विभागीय अधिकारी पंजीकृत फर्मों से संबंधित कई प्रकार का अनुसंधान करते हैं। इनमें टैक्स कंप्लाइंसेज की निगरानी कर रिटर्न दाखिल न करने वालों की पहचान कर ली जाती है। इसके बाद कार्रवाई शुरू की जाती है।