साहिबाबाद। ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र की सनमति पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड में भीषण आग लगने के बाद उद्यमी की बड़ी लापरवाही सामने आई है। अग्निशमन विभाग की जांच में आया कि उद्यमी ने आग बुझाने के यंत्र लगाने के बावजूद विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र को रिन्यू नहीं कराया था। लोनी के फायर स्टेशन ऑफिसर गौरव कुमार ने कई बार उद्यमी को जांच अभियान के दौरान स्प्रिंकलर यूनिट लगाने के लिए कहा था। उन्होंने बताया कि 13 जून को भी फैक्टरी के अंदर रखे माल में आग लगी थी लेकिन अग्निशमन यंत्रों की मदद से आग को काबू पा लिया था।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि फैक्टरी मालिक ने अग्निशमन विभाग से एनओसी नहीं ली हुई थी। उन्हें कई बार एनओसी लेने के लिए कहा गया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। गनीमत रही कि भीषण आग से कोई जनहानि नहीं हुई। शाम साढ़े सात बजे तक दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत से आग को काबू पा लिया हालांकि, आग की तपिश से फैक्टरी की दीवार और छत गिर गईं जबकि पूरी इमारत क्षतिग्रस्त हो गईं। आग बुझाने के लिए मुज्जफरनगर, बागपत, हापुड़, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद और अन्य जगहों से गाड़ियों को बुलाया गया। करीब 20 गाड़ियों ने 100 से ज्यादा चक्कर लगाकर शाम साढ़े बजे तक काबू पा लिया।
दस घंटे तक अग्निशमन कर्मियों ने खिड़कियों से चलाया अभियान :
सुबह साढ़े नौ बजे से शाम तक साढ़े सात बजे तक अग्निशमन विभाग के कर्मियों को सराहनीय कार्य रहा। भीषण आग के बीच दमकलकर्मियों ने बराबर की फूड प्रोसेसिंग फैक्टरी में खिड़कियों से पानी की बौछार मारकर आग बुझाने का काम किया। वहीं, पैकेजिंग फैैक्टरी की दीवार तिरछी होने के बावजूद दमकलकर्मी कई बार अपनी जान को जोखिम में डालते नजर आए। शाम छह बजे दमकलकर्मियों ने बराबर की मिश्रा हाइड्रोपावर प्राइवेट लिमिटेड में दीवार के सहारे लोहे की सीढ़ी लगाकर होज पाइप से पानी की बौछार मारकर आग को शांत करने का काम किया।
10 घंटे तक भूखे-प्यासे दौड़ते और आग बुझाने में जुटे रहे अधिकारी-दमकलकर्मी :
सुबह से शाम तक करीब दस घंटे तक आग काबू करने में जुटे दमकलकर्मी भूखे-प्यासे रहे। औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार को कर्मचारियों की संख्या कम होने और लगातार दमकल की गाड़ियां आने की वजह से खाने-पीने की दुकानें बंद हो गई थीं। ऐसे में अधिकारी और दमकलकर्मी भूखे-प्यासे ही काम में जुटे थे। हालांकि आसपास फैैक्टरी के लोगों ने पानी की बोतल देकर मदद का प्रयास किया लेकिन ज्यादा दमकलकर्मियों को मदद नहीं मिल पाई।