साहिबाबाद। लाजपत नगर रामलीला मैदान में पुतला निर्माण के दौरान हुए धमाके के बाद शहर की अन्य रामलीला समिति भी सतर्क हो गई हैं। मंगलवार को विभिन्न रामलीला समिति ने अपने यहां बन रहे पुतलों की निगरानी की और दशहरा से पूर्व किसी भी तरह की विस्फोटक सामग्री न लाए जाने की हिदायत दी। हादसों पर शहर की विभिन्न रामलीला समिति पदाधिकारियों ने दुख जताया है। वसुंधरा सेक्टर-7 की रामलीला आयोजक नरेंद्र भारद्वाज ने कहा कि 33 वर्ष से वह भी रामलीला कराते आ रहे हैं, नियमानुसार तो दशहरा से एक दिन पहले ही मैदान में पटाखे लाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि हर बार ही ग्रीन पटाखों का प्रयोग किया जाता है और दशहरा से एक दिन पहले खरीदा जाता है। इसके बावजूद मंगलवार को एक बार फिर पुतला कारीगरों को स्पष्ट हिदायत दी कि किसी भी सूरत में पहले पटाखे नहीं खरीदे जाएंगे। वहीं राजेंद्र नगर गोल पार्क रामलीला के आयोजक एसपी सिंह ने बताया कि हादसे के बाद उन्होंने तुरंत अपने यहां बन रहे पुतलों को देखने पहुंचे और किसी भी तरह का विस्फोटक सामान न होने की पुष्टि की। एसपी सिंह ने बताया कि वैसे तो यही नियम है कि पुतला बन जाने के बाद, सबसे अंत में पटाखे लगाया जाता है, फिर भी उन्होंने एहतियातन अपने यहां कारीगरों को स्पष्ट चेतावनी दी है। एसपी सिंह ने बताया कि हादसे के बाद रामलीला मैदान में वालंटियर्स की संख्या बढ़ा दी गई है, ताकि किसी तरह के अराजक तत्व आस-पास न फटक सकें।इसी तरह का एहतियात वैशाली और इंदिरापुरम की रामलीला समितियों ने भी बरती है। ब्यूरो