सबहेड- जीडीए ने ओटीएस योजना में केवल ऑनलाइन आवेदन की दी है सुविधा, ऑफलाइन आवेदन लॉकडाउन के बाद - बीते एक सप्ताह में करीब 65 लोगों ने किया ऑनलाइन आवेदन - आवेदन की आखिरी तारीख में शासन कर सकता है बढ़ोतरी माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। बकाएदारों को राहत देने वाली और जीडीए सहित प्रदेश के विभिन्न प्राधिकरणों की दशा सुधारने वाली एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) फिर से पटरी पर लौटने लगी है। बीते एक सप्ताह से ओटीएस योजना में ऑनलाइन आवेदन करने वालों में बढ़ोतरी हुई है। ऑनलाइन आवेदन करने वालों का आंकड़ा अब 185 के पार पहुंच चुका है। ऐसे में आने वाले दिनों में ओटीएस योजना में आवेदन करने वालों का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है। महानगर के विभिन्न क्षेत्रों में 8294 छोटे-बड़े बकाएदारों पर 465 करोड़ बकाया। लेकिन ऑफलाइन आवेदन का आंकड़ा 65 और ऑनलाइन करीब 185 आवेदन हुए हैं। शासन ने छोटे-बड़े बकाएदारों को छूट के साथ बकाया जमा करने के लिए ओटीएस योजना बीते छह मार्च को लॉंच की थी। ओटीएस योजना के 50 लाख से छोटे ऑफलाइन आवेदकों के लिए जीडीए परिसर में ही हैल्पडेस्क बनाई गई थी। हेल्पडेस्क से ही आवेदकों के फार्म लेकर जीडीए की ओर से उन्हें ओटीएस के बनाए गए सॉफ्टवेयर पर अपलोड किया जा रहा था। लेकिन लॉकडाउन के बाद से ही ऑफलाइन आवेदन बंद हैं। एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) में छूट का लाभ पाने के लिए बिल्डरों, आम लोगों के साथ माननीय भी कतार में लगे हुए हैं। मधुबन बापूधाम योजना में भूखंड का आवंटन होने के बाद 110 विधायकों पर भूखंड सहित ब्याज का लाखों बकाया है। ऐसे में बकाया जमा करने में देरी के कारण लगाई गई ब्याज का लाभ उठाने के लिए विधायक ओटीएस योजना में आवेदन कर रहे हैं। कोरोना के प्रभाव के कारण करीब 10 विधायकों ने योजना में ऑनलाइन आवेदन किया है। ऐसे में माननीयों के आवेदन की संख्या में बढ़ेगी। जीडीए सचिव संतोष कुमार राय ने बताया कि ओटीएस योजना में ऑनलाइन आवेदन की ही अभी सुविधा प्रदान की गई है। लॉकडाउन हटने के बाद ऑफलाइन आवेदन भी शुरू होंगेl ---