- जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने जताई थी नाराजगी
गाजियाबाद। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के कारण शासन सेे मिले बजट का सिर्फ 58.25 फीसदी ही विभाग खर्च कर पाया है। वित्तीय वर्ष में अब कार्यदिवस के सिर्फ 22 दिन ही रह गए हैं। ऐसे में शेष बजट खर्च करना विभाग के लिए चुनौती बना है। बजट खर्च नहीं हो पाने पर जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने नाराजगी भी जताई थी। इसके पहले शासन ने भी कड़ी नाराजगी जताते हुए जनस्वास्थ्य के हित में बजट खर्च कर विस्तृत जानकारी देने को कहा था। फटकार के बाद 35 फीसदी से बढ़कर 58 फीसदी हो पाया।
जिला स्वास्थ्य समिति में प्रस्तुत की रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा वित्तीय वर्ष में शासन से स्वास्थ्य विभाग को 100 करोड़ 70.18 लाख रुपये का बजट मिला था। इसमें से सिर्फ 58 करोड़ 70.18 लाख रुपये खर्च कर पाया है। वित्तीय वर्ष के मार्च महीने में अब होली, द्वितीय शनिवार, महाशिवरात्रि, गुडफ्राइडे के अलावा अन्य त्योहारों पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इसके अलावा जल्द ही आचार संहिता भी लग सकती है। ऐसे में शासन से मिला बजट वापस होने की संभावना है। हालांकि एमएमजी अस्पताल प्रबंधन ने 72.54 प्रतिशत बजट खर्च कर जिले में सबसे आगे रहा है, लेकिन वहां भी 27.47 फीसदी खर्च नहीं हो सका है। अब बचा हुआ बजट शासन को वापस भेजा जा सकता है।
नियमानुसार किया जा रहा है बजट खर्च
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का नियमानुसार जो बजट हो सकता है, उतना खर्च किया जा रहा है। इससे आचार संहिता से कोई मतलब नहीं है। जो बजट शेष रहेगा, शासन को अवगत कराकर वापस कर दिया जाएगा। इसके बाद नए वित्तीय वर्ष में नया बजट जारी हो जाएगा।
अस्पताल बजट खर्च प्रतिशत
एमएमजी 35,747,070 25,929,150 71.54
महिला अस्पताल 34,161,023 18,889,414 55.3
जिला संयुक्त 16,989,138 71,00,925 41.8
नगरीय पीएचसी 90,171,307 51,127,100 56.7
सीएचसी मोदीनगर 4,571,397 22,99,596 50.3
सीएचसी लोनी 29,201,688 10,869,177 37.22
सीएचसी मुरादनगर 28,433,218 97,06,657 34.4
सीएचसी डासना 28,484,671 96,13,271 33.75
पीएचसी भोजपुर 25,113,491 85,55,197 34.07