गाजियाबाद। परिवार परामर्श केंद्र पर आने वाली पारिवारिक समस्याओं की शिकायतें अब पिंक बूथों पर ही सुनी जाएंगी। इससे पीडि़तों को परिवार परामर्श केंद्र के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। साथ ही परिवार परामर्श केंद्र पर शिकायतों का बोझ भी कम होगा। जनवरी के अंत में यह सुविधा सभी 20 पिंक बूथों पर शुरू हो जाएगी। कमिश्नरेट पुलिस इसके लिए तैयारी कर रही है।
परिवार परामार्श केंद्र शहर के बीच में लोहिया नगर में बने महिला थाना परिसर में है। ऐसे में देहात व दूर दराज के आने वाली महिला व अन्य लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। सुविधा के लिए पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्रा ने कमिश्नरेट में खोले गए 20 पिंक बूथों पर पारिवारिक समस्याओं को सुनने के लिए परिवार परामर्श केंद्र खोलने की तैयारी की है। इन मामलों की सुनवाई पिंक बूथों पर ही होगी। पिंक बूथ पर तैनात महिला कांस्टेबल और थाने से एक पुरुष कांस्टेबल शिकायत सुनकर काउंसलिंग व निस्तारण करेंगे।
पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि परिवार परामर्श केंद्र पर 2023 में आईं शिकायतों को देखा गया। 2023 में 1689 शिकायतें आईं। इनमें 250 मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए। ऐसे में केंद्र पर तैनात स्टाफ को काउंसलिंग करने और जांच करने पर के साथ शिकायतकर्ता व विपक्ष को आने में परेशानी होती है। समय पर काउंसलिंग व जांच प्रक्रिया पूरी हो सके इसके लिए पिंक बूथों पर यह सुविधा शुरू करने की तैयारी की गई है।
एनजीओ व समाजसेवी संस्थाओं भी होंगी हिस्सा
सामाजिक कार्य करने वाली संस्था और एनजीओ भी इसका हिस्सा होंगी। पिंक बूथों पर काउंसलिंग के दौरान एनजीओ की दो प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। पुलिस आयुक्त ने बताया कि इसके लिए 70 संस्थाओं ने आवेदन किया है। इनमें से चिन्हित करने की प्रक्रिया पूरी कर जनवरी के अंत में यह सुविधा शुरू की जाएगी।
यह होगा फायदा
- देहात व दूर दराज के इलाकों से पीडि़त व विपक्ष के लोगों को परिवार परामर्श केंद्र नहीं आना पड़ेगा।
- मामलों में काउंसलिंग, कार्रवाई व निस्तारण में तेजी आएगी। केंद्र पर बोझ कम होगा।
परिवार परामर्श केंद्र पर शिकायतों का ब्यौरा
2023 से पूर्व लंबित मामले
162
2023 में प्राप्त मामले
1689
काउंसलिंग के दौरान हुए समझौते
470
निरस्त किए गए मामले
930
मामलों में मुकदमे दर्ज हुए
250
निस्तारित मामले
1650
शेष
201