हापुड़। निकाय चुनाव में इस बार मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाकर अपनी नाराजगी खूब जाहिर की। चारों सीटों पर कई निर्दलीय प्रत्याशियों को मिली वोटों से अधिक नोटा पर मुहर लगी। वहीं, निरस्त हुई मतों की संख्या हजारों में रहीं, मतदाताओं के मन मुटाव ने दिग्गजों का खेल बिगाड़ दिया, जीत हार का अंतर भी इस वजह से बड़ा होता चला गया।
दरअसल, हापुड़ नगर पालिका में पांच सालों के अंदर काम खूब हुए, लेकिन सीवर लाइन, साफ सफाई, पेयजल समेत कई समस्याओं पर लोगों की नाराजगी आए दिन फूटती रही। निकाय चुनाव में चुप्पी साधे मतदाताओं ने अपने वोट के अधिकार से चुनावी मंच पर नाराजगी जाहिर कर दी।
आलम यह रहा कि हापुड़, गढ़, पिलखुवा और बाबूगढ़ की सीट पर जमकर नोटा पर मुहर लगाई गई। हापुड़ की सीट पर नोटा का सबसे अधिक प्रयोग हुआ। पॉश कॉलोनियों में मतदाताओं के अंदर टिकट को लेकर चली आ रही नाराजगी भी इसका उद्हारण है। उधर, हजारों मतदाताओं ने गलत मुहर लगाई, जिसके चलते उनकी वोट निरस्त कर दी गई। आलम यह रहा कि चुनावी मैदान में उतरे बड़े दिग्गजों का नोटा और निरस्त मतों ने खेल बिगाड़ दिया।
पालिका सीट नोटा निरस्त वोट
हापुड़ 819 4477
गढ़मुक्तेश्वर 52 1455
पिलखुवा 46 2183