फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad News: बेटी एक भी नहीं और शादी अनुदान ले लिया दो का

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 75-75 हजार रुपये का अनुदान लेने के लिए किए गए फर्जीवाड़े की जांच शुरु हते ही परत दर परत खुलती जा रही है। इसी के साथ चौंकाने वाले खुलासे भी हो रहे हैं। एक मामला ऐसा भी आया है जिसमें एक दंपती ने अपनी दो बेटियां बताकर उनकी शादी का अनुदान लिया है जबकि वास्तव में उसकी एक भी बेटी नहीं है। इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करने वाले किसान गजेंद्र शर्मा का दावा है कि फर्जीवाड़े के मामले 240 हैं। इनमें से श्रम विभाग ने छह में एफआईआर भी दर्ज करा दी है। बाकी की जांच के लिए तीन अफसरों की कमेटी गठित की गई है।
विज्ञापन

कमेटी में जिला समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के परियोजना निदेशक पीएन दीक्षित और जिला विकास अधिकारी राम उद्रेज यादव हैं। बुलंदशहर निवासी किसान गजेंद्र शर्मा ने शुक्रवार को कमेटी के सामने बयान दर्ज कराए। इसके बाद उन्होंने बताया कि कमेटी को 240 मामलों में फर्जीवाड़े की रिपोर्ट साक्ष्य सहित दी गई है। दो बेटियों की शादी का अनुदान लेने वाले दंपती नई बस्ती हरबंसनगर के हैं। उन्होंने एक बेटी की जन्म तिथि 19 जुलाई 1994 और दूसरी की एक जनवरी 1994 लिखी है। दोनों की उम्र में महज छह माह का अंतर है।
गजेंद्र सिंह का दावा है कि 240 जोड़ों में से आधे से ज्यादा ऐसे हैं जिनकी शादी को कई साल हो चुके हैं जबकि उन्होंने खुद को अविवाहित बताकर शादी अनुदान लिया है। एक युवती ने शादी समारोह से कई दिन पहले किए गए आवेदन के लिए जो ऑनलाइन फार्म पर फोटो लगाया, उसमें उसकी मांग सिंदूर से भरी हुई है। ऐसे भी जोड़े हैं जिनकी न केवल शादी हुई बल्कि बच्चे भी हो चुके हैं। यह आयोजन गाजियाबाद के कमला नेहरूनगर में 24 नवंबर 2022 को हुआ था। इसमें गाजियाबाद, हापुड़ और बुलंदशहर के 3000 जोड़े शामिल हुए थे।
विज्ञापन

अफसरों पर भी की जाए कार्रवाई
गजेंद्र शर्मा ने जांच टीम को बताया कि उनके पास कई ऐसे लोग आए जो इस योजना का लाभ पाने के पात्र थे। उनका आवेदन खारिज कर दिया गया। उन लोगों ने ही बताया कि कई अपात्रों को अनुदान दिया गया है। उनकी पीड़ा सुनने के बाद ही इस मामले की उन्होंने खुद जांच की। इसके लिए पहले यूपी भवन एवं सनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की वेबसाइट से अनुदान लेने वालों के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद खुद उनके घर जाकर साक्ष्य जुटाए। उनसे बातचीत की वीडियो भी बनाई। उन्होंने मांग की है कि जिन अफसरों ने अपात्रों को योजना का लाभ दिलाया, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसा ही खुलासा बुलंदशहर में होने पर वहां के अफसरों पर गाज गिर चुकी है।
कैसे-कैसे मामले
1. अतरौली निवासी महिला की उम्र 30 वर्ष है। जिस बेटी की शादी के लिए अनुदान लिया है, उसकी उम्र 27 वर्ष है। इस तरह बेटी के जन्म के समय मां की उम्र तीन साल थी।
2. मोदीनगर के औरंगाबाद युवक ने अपनी उम्र 32, पत्नी की 28 और जिस बेटी की शादी का अनुदान लिया, उसकी 22 साल बताई है।
3. भोजपुर के ग्राम जोया के श्रमिक दंपती के दो बच्चे हैं एक बेटा और एक बेटी। अनुदान दो बेटियों की शादी का लिया गया है।
4. मोदीनगर निवासी महिला ने बेटी की शादी के लिए अनुदान लिया है। बेटी पहले से ही पंजीकृत श्रमिक है। उसके श्रमिक कार्ड में पति का नाम भी दर्ज है।
इनके खिलाफ दर्ज हो चुका केस
सिंहानी गेट थाने में इस मामले में छह केस दर्ज कराए गए हैं। इसमें विजयनगर निवासी दिव्या, प्रतापविहार निवासी सरोज और प्रीती, बांबे कॉलोनी निवासी संजीदा और हिना, भोजपुर निवासी राजेंद्र सिंह और अंजली, रोजी कॉलोनी विजयनगर निवासी रहीसन और शाइस्ता और इंद्रगढ़ी निवासी रामवीर, स्वाति और शिल्पी कुमारी के खिलाफ श्रम विभाग ने केस दर्ज कराया है।

डीएम को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
पूरे मामले की जांच टीम कर रही है। शिकायतकर्ता ने बयान दर्ज करा दिए हैं और साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं। टीम इन साक्ष्यों की पड़ताल करेगी। जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी - विक्रमादित्य सिंह मलिक, मुख्य विकास अधिकारी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें