मंदिर परिसर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात
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पैगंबर मोहम्मद साहब पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोपी महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद के समर्थन में रविवार को एनएच-9 पर तीन घंटे पंचायत करने वाले लोगों पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। माना जा रहा है कि पंचायत में भाजपा के लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर के शामिल होने की वजह से पुलिस बैकफुट पर आई है। इससे पहले इस मामले में ज्ञापन देने वाले लोगों पर भी केस दर्ज किया जा रहा था।
दो दिन पहले तक पुलिस के अफसर चेतावनी भी दे रहे थे कि अगर पंचायत में लोग जुटे तो उनके खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने पंचायत के लिए अनुमति भी नहीं दी थी। पूरे जिले में निषेधाज्ञा लगी है। इसमें पांच से अधिक लोगों के जमा होने पर केस दर्ज करने का प्रावधान है।
रविवार को न केवल हाईवे पर सैंकड़ों लोगों ने पंचायत की, बल्कि डासना के देवी मंदिर के बाहर भी बड़ी संख्या में लोग जुटे। पुलिस ने 90 लोगों को हिरासत में भी लिया था लेकिन रात में सभी को पुलिस लाइन से छोड़ दिया गया। किसी के खिलाफ भी कोई केस दर्ज नहीं किया गया। डासना के दूधिया पीपल में तो युवाओं का जत्था पुलिस ने भिड़ भी गया था। इन लोगों ने पुलिस के लगाए बैरिकेड गिरा दिए थे। इस पर पुलिस ने लाठी भांजकर उन्हें खदेड़ा था। इसके बावजूद इस मामले में भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
जिले में आठ दिसंबर तक बढ़ाई धारा-163
कमिश्नरेट में धारा 163 (पूर्व में 144) को आठ दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दिनेश कुमार पी. ने बताया कि आगामी त्योहारों को लेकर यह निर्णय लिया गया है। इस दौरान पांच या उससे अधिक लोग किसी एक जगह पर इकट्ठा होकर धरना, प्रदर्शन या जुलूस करते हैंं तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने 28 बिंदुओं की एडवाइजरी जारी कर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।