लोनी। ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र की दौलतनगर कॉलोनी में रविवार को बारिश से जलभराव हो गया। पांच से छह फुट पानी भरने के बाद लोग घरों की छत पर छत चढ़ गए। शाम तक राहत नहीं मिलने पर सभी घंटों वहीं फंसे रहे। पुलिस अधिकारियों ने सभी को निकालने के लिए एनडीआरएफ को सूचना दी। रात नौ बजे से टीम ने अभियान चलाकर करीब साढ़े तीन घंटे में 33 लोगों और पांच जानवरों को बाहर निकाला। प्रशासन ने सभी के रुकने की व्यवस्था पंचायत घर में की।
दौलत नगर कॉलोनी में बरसात के दौरान पानी भर गया था। पानी की निकासी नहीं होने पर करीब पांच से छह फुट पानी भर गया। इस दौरान पांच से छह परिवारों के 33 लोग घरों में अंदर ही पानी में फंस गए। इनमें बच्चे और महिलाएं भी थीं। घरों के अंदर तक पानी भरने पर लोग छत पर चढ़ गए। वहां से पुलिस को किसी तरह सूचना देकर बाहर निकालने की गुहार लगाई। सूचना पाकर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जलभराव के बीच फंसे परिवार के लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया लेकिन कामयाब नहीं हुए। इसके बाद एनडीआरएफ को सूचना दी गई। सूचना पाकर रात नौ बजे हरसांव गांव गोविंदपुरम से एनडीआरएफ की टीम लोनी पहुंची। इस बीच तहसील के अधिकारी भी पहुंच गए। एनडीआरएफ टीम ने नाव से एक-एक कर लोगों को बाहर निकाला गया। एसीपी का कहना है कि सभी लोगों को सुरक्षित जगह भेजा गया है।
लोगों ने घरों की छत पर रखा सामान :
रविवार सुबह से हुई तेज बारिश से कॉलोनी में जलभराव हो गया। निकासी के इंतजाम नहीं होने से पानी घरों के अंदर तक भरने लगा। शाम तक हालत और भी ज्यादा बिगड़ गए। जलभराव का स्तर बढ़ने पर लोगों ने पहली मंजिल पर सामान रख दिया लेकिन कई मकानों के प्रथम तल पर भी पानी भर गया। इससे कमरों में रखा कीमती सामान खराब हो गया। कड़ी मशक्कत के बाद लोगों ने जरूरी सामान पहली मंजिल से उठाकर दूसरी मंजिल या अपनी छतों पर रखना शुरु कर दिया। शाम तक बारिश से राहत नहीं मिलने पर लोगों ने पुलिस से मदद मांगी।
अंधेरे के चलते बचाव कार्य में हुई परेशानी
एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची तो कालोनी में काफी अंधेरा था। टीम को ऑपरेशन शुरू करने में दिक्कत हुई बावजूद इसके एनडीआरएफ टीम ने अभियान शुरू किया। इस दौरान किन-किन घरों में लोग फंसे हैं, यह पता करना मुश्किल हो रहा था। जलभराव के कारण कॉलोनी की लाइट भी काट दी गई थी। लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए टीम टॉर्च और इमरजेंसी लाइट लगाकर लोगों को बाहर निकालना शुरू किया।
सभी को सुरक्षित निकालकर पंचायत घर भेजा :
डीएम राकेश कुमार ने बताया कि एनडीआरएफ टीम ने 33 लाेगों को बाहर निकाला। यह सभी चार परिवार के हैं, जिनमें कुणाल वर्ष, अंकुश 10 वर्ष, सना 6 वर्ष, सोनू 13 वर्ष, शोएब 8 वर्ष, रेशमा 30 वर्ष, अरमान 15 साल, शमीना 30 साल, पूनम 30 वर्ष, मिंटू 35 साल और अंशिका 13 साल समेत सभी को पानी से बाहर निकाला गया।
तहसीलदार हरि प्रताप सिंह का कहना है कि सभी लोगों को बाहर निकालकर दौलत नगर कॉलोनी के पंचायत घर में रोका गया है। वहां सभी के लिए टेंट और गद्दे मंगाए गए हैं। बच्चों को खाने-पीने का सामान दिया गया है। सोमवार सुबह पानी निकालने की व्यवस्था की जाएगी। पानी निकलने के बाद वापस लोगों को उनके घर भेज दिया जाएगा।
सहायक पुलिस आयुक्त रजनीश कुमार उपाध्याय का कहना है कि एनडीआरएफ टीम ने अभियान चलाकर लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया।