गाजियाबाद। झांसी के मेडिकल कॉलेज में आग की घटना में 10 शिशुओं की मृत्यु के मामले को राष्ट्रीय बाल आयोग, नई दिल्ली ने संज्ञान लिया है। गाजियाबाद निवासी मानवाधिकार कार्यकर्ता अधिवक्ता विष्णु गुप्ता ने मामले में आयोग में याचिका दाखिल की थी। गुप्ता ने बताया कि आयोग ने डीएम को नोटिस जारी कर छह बिंदुओं पर सात दिन में जवाब मांगा। उन्होंने बताया कि आयोग ने डीएम झांसी से जिन बिंदुओं पर जवाब मांगा है, उनमें घटना की विस्तृत जानकारी, अग्निकांड का मुख्य कारण, कितने शिशुओं की मृत्यु हुई, कितने शिशु घायल हुए, जिम्मेदार प्रबंधन के खिलाफ की गई कार्रवाई, मृत नवजात शिशुओं के माता-पिता को दिए जाने वाले मुआवजे की वर्तमान स्थिति, गंभीर रूप से घायल नवजात शिशुओं को दिए गए उपचार की वर्तमान स्थिति और घटना के वक्त वहां मौजूद मेडिकल और नॉन मेडिकल स्टाफ पर क्या कार्रवाई की गई। इसके अलावा अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) की प्रति पर जांच आख्या व आवश्यक दस्तावेजों के साथ सात दिन के अंदर आयोग ने मांगी है। एडवोकेट गुप्ता ने बताया कि उनके द्वारा आयोग को बालजीवन/जनहित में याचिका प्रेषित की गई थी।