गाजियाबाद। जन्मे कृष्ण कन्हाई, ब्रज में बाजी बधाई... सोमवार रात 12 बजते ही कान्हा का जन्म होते ही मंदिरों और घरों में जय-जयकार होने लगी। घंटे-घड़ियाल की आवाज और भजन कीर्तन से शहर गुंजायमान हो गया। व्रतियों ने श्रीकृष्ण जन्म के बाद प्रसाद ग्रहण कर अपना व्रत खोला। राजनगर स्थित इस्कॉन मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण को 108 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया।
सुबह चार बजे से पूरे दिन भगवान श्रीकृष्ण का जलाभिषेक चलता रहा। आरती-भजन-कीर्तन आधी रात तक होता रहा। मंदिर के प्रधान पुजारी सुरेश्वरदास ने बताया कि जन्मोत्सव कार्यक्रम में प्रदेश के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप, सांसद अतुल गर्ग, जिला प्रशासन से एडीएम सिटी गंभीर सिंह ने भगवान श्री कृष्ण की आरती की। हजारों की संख्या में भक्तों ने भगवान की दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। इस्कॉन मंदिर में भगवान श्री कृष्ण के लिए भव्य फूल बंगला बनाया गया। आर्किड और गुलाब से मंदिर परिसर महकता रहा। छह दिनों तक कार्यक्रम चलेंगे। मंदिर परिसर रंग बिरंगी बिजली की झालरों से दमकता रहा। नेहरूनगर शिव मंदिर, कविनगर स्थित राधा-स्वामी मंदिर, स्वयंभू मंदिर, लोहियानगर समेत सभी इलाकों में मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कलाकारों ने राधा-कृष्ण की वेशभूषा में लीलाओं का मंचन किया।
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भगवान दूधेश्वर का शृंगार भगवान कृष्ण के रूप में हुआ
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सोमवार को दूधेश्वरनाथ मठ महादेव मंदिर कृष्ण रंग में रंगा नजर आया। मंदिर में श्रीदूधेश्वर पीठाधीश्वर महंत नारायण गिरि महाराज की अध्यक्षता में आधी रात तक धार्मिक कार्यक्रम चलते रहे। नारायण गिरी ने कहा जन्माष्टमी का पर्व हिंदू सनातन धर्म का बहुत ही महत्वपूर्ण पर्व है। भगवान कृष्ण की लीलाएं हजारों वर्षों से पूरे विश्व को मोहित करती आ रही है। उनकी हर लीला मानवता का कल्याण करने वाली है। मंदिर को फूलों व लाइटों से भव्य रूप से सजाया गया। दूधेश्वर वेद विद्यापीठ के आचार्य तयोराज उपाध्याय ने गोपाल सहस्रनाम का पाठ किया। भगवान दूधेश्वर कृष्णमय दिखे। उनका शृंगार भगवान कृष्ण के रूप में किया गया।