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रक्षाबंधन का तोहफा: महज 29 मिनट में साहिबाबाद से मेरठ, 155 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ी रैपिड रेल

Mon, 19 Aug 2024 03:39 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

155 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली रैपिड रेल ने मेरठ से साहिबाबाद तक के 42 किमी के आरआरटीएस कॉरिडोर की दूरी महज 29 मिनट में पूरी की। ट्रैफिक जाम न होने पर भी सड़क मार्ग से जाने में इस दूरी के लिए एक घंटे से ज्यादा का समय लग जाता है।
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रैपिड रेल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लंबे इंतजार के बाद रैपिड रेल नमो भारत रविवार को गाजियाबाद से यात्रियों को लेकर पहली बार मेरठ पहुंची। दोपहर दो बजे मोदीनगर से मेरठ के लिए पहली ट्रेन रवाना हुई। ठीक इसी समय मेरठ से साहिबाबाद के लिए भी ट्रेन चली। इस तरह रक्षाबंधन पर भाइयों को राखी बांधने के लिए जा रहीं बहनों को सुहाने सफर का तोहफा मिल गया।

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155 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली रैपिड रेल ने मेरठ से साहिबाबाद तक के 42 किमी के आरआरटीएस कॉरिडोर की दूरी महज 29 मिनट में पूरी की। ट्रैफिक जाम न होने पर भी सड़क मार्ग से जाने में इस दूरी के लिए एक घंटे से ज्यादा का समय लग जाता है। दोपहर को यात्रियों की संख्या कम रही, लेकिन शाम होते-होते बड़ी संख्या में महिलाएं सफर के लिए पहुंचीं। कई महिलाओं ने हाथ में तिरंगा ले रखा था।

इससे पहले, रैपिड रेल साहिबाबाद से मोदीनगर तक के 34 किमी के ट्रैक पर दौड़ रही थी। मेरठ दक्षिण-भूड़ बराल स्टेशन तक की दूरी आठ किमी है। इस तरह अब कुल ट्रैक 42 किमी का हो गया है। दिल्ली से मेरठ तक का कुल ट्रैक 82 किमी का है। 40 किमी पर अभी काम चल रहा है।
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जाम का झंझट खत्म
मोदीनगर पहुंचे मेरठ के भूड़ बराल निवासी विनीत और शास्त्रीनगर निवासी कारोबारी उत्कर्ष ने कहा कि रैपिड रेल से ट्रैफिक जाम के झंझट से मुक्ति मिली। अब तक सिर्फ रैपिड रेल की रफ्तार की बात सुन रहे थे। आज इसका अनुभव भी कर लिया। वहीं, दुहाई से मेरठ के लिए सवार हुईं राजनगर की विनीता ने कहा, हर बार जाम में फंसते थे, लेकिन रेल का सफर कार से ज्यादा आरामदायक है।

नमो भारत ट्रेन शुरू होने से महिलाओं में खासा उत्साह दिखा। रक्षाबंधन से एक दिन पहले रविवार को शुरू हुई ट्रेन में कई बहनों संग उनके परिवार के लोग भी ट्रेन के सफर का आनंद लेने पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन्हें रक्षाबंधन का तोहफा दिया है। अब धूल, धूप और गड्ढों के सफर से मुक्ति मिलेगी। पहले दिन मोदीनगर से मेरठ आने वाले यात्रियों की काफी भीड़ रही, जबकि मेरठ से भी लोग रवाना हुए।

आधे घंटे में हुआ सफर
साहिबाबाद रहती हूं और माधवपुरम में अपने मायके जा रही हूं। दो से ढाई घंटा बस में लग जाते हैं, जबकि नमो भारत से महज आधे घंटे में ही सफर पूरा हो गया। - शिखा त्यागी

स्टेशन तक पहुंचना आसान
गाजियाबाद पहुंचने में डेढ़ घंटा लग जाता था। शारदा रोड से थ्री-व्हीलर से मेरठ साउथ पहुंच गए और नमो भारत ट्रेन पकड़ी और घंटे भर में आसानी से सफर हुआ। - पूजा

जाम से मिली निजात
बस से जाने में सबसे बड़ी समस्या जाम की है। शहर में यातायात के भारी दबाव से जाम लगा ही रहता है। अब नमो भारत के चलने से जाम से निजात मिल गई।  -जस्सी और निक्की

नमो भारत ट्रेन के मेरठ से चलने की काफी समय से उम्मीद कर रहे थे। आखिरकार रविवार को यह सपना सच हुआ। ट्रेन के चलने से व्यापार भी बढ़ेगा। - गौरव कुमार

मेरठ साउथ स्टेशन शहर का दूसरा छोर है। ट्रेन चल जाने से बहुत राहत है लेकिन जब यह शहर में चलेगी तो ज्यादा लाभ होगा।  - आदित्य 

गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली आदि में रक्षाबंधन पर काफी महिलाएं भाइयों को राखी बांधने जाती हैं। टेन चलने से बहनों की मुराद पूरी हुई। - सुजाता व बबली

नमो भारत ट्रेन शुरू होने से अहसास हो रहा है कि अब मेरठ दिल्ली से जुड़ गया है। ट्रेन चलने से लाखों लोगों को राहत मिलेगी। अब लोगों का दिल्ली आना-जाना आसान होगा। - पल्लवी
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ऐसे चली ट्रेन
नमो भारत ट्रेन रविवार दोपहर ठीक दो बजे साहिबाबाद के लिए रवाना हुई। इसके हर पंद्रह मिनट बाद ट्रेन की फ्रीक्वेंसी है।
दोपहर 2.15 बजे मेरठ साउथ से रवाना
2.20 मोदीनगर नॉर्थ
2.24 मोदीनगर साउथ
2.29 मुरादनगर
2.35 दुहाई
2.39 पर गाजियाबाद पहुंची
2.44 पर साहिबाबाद पहुंची

साहिबाबाद से 2.52 पर वापस चली
2.56 गाजियाबाद पहुंची
2.59 दुहाई n3.07 मुरादनगर
3.12 मोदीनगर साउथ
3.15 मोदीनगर नॉर्थ
3.21 मेरठ साउथ पहुंची।
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