साहिबाबाद। वैशाली सेक्टर-एक में रहने वाले इंटरनेशनल पैरा एथलीट दीपक के खोखे पर वसुंधरा जोनल टीम की ओर से आठ जनवरी को बुलडोजर चलाने पर नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह ने संज्ञान लिया है। पूरे मामले की जांच अपर नगर आयुक्त को सौंपी है और खोखे को उचित जगह पर रखवाने के आदेश दिए हैं। एनजीटी में चल रहे पार्काें के वाद में कार्रवाई करना बताया है।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि आयकर कार्यालय के सामने ग्रीन बेल्ट में खोखा रखा हुआ था। खोखे को दीपक का भाई चला रहा था। दीपक ने सफाई नायक पर पांच हजार रुपये मासिक मांगने और बिना नोटिस कार्रवाई करने का आरोप लगाया था। रिश्वत मांगने के आरोप दीपक और सफाई नायक से पूछताछ में गलत पाए गए हैं हालांकि वेंडरों से रुपये लेकर ठीया लगवाने, अतिक्रमण हटाने से पहले नोटिस देने समेत कई बिंदुओं पर जांच कराई जा रही है।
यह है मामला
निगम टीम ने आठ जनवरी को वैशाली सेक्टर चार, तीन में वैशाली मेट्रो, पार्क और आयकर कार्यालय के आसपास अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। टीम ने मौके से 50 से ज्यादा वेंडर को हटाया था। स्थायी निर्माण कर दुकान चलाने वालों के ठीये पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई में इंटरनेशनल पैरा खिलाड़ी दीपक का भी खोखा था, जिस ग्रीन बेल्ट में खोखा रखा है उसके आसपास बने आंबेडकर, पोडियम, कृष्ण वाटिका व चित्रगुप्त पार्कों का मामला एनजीटी में चल रहा है।
पैरा एथलीट बोले- बिना नोटिस जानबूझकर तोड़ा गया खोखा
इंटरनेशनल पैरा एथलीट दीपक ने बताया कि नगर निगम टीम ने बिना नोटिस दिए कार्रवाई की। खोखा तोड़ने का काम जानबूझकर सफाई नायक ओमवीर सिंह ने कराया। खोखा और ठीया दोनों को नुकसान पहुंचने से दीपक के सामने आय का संकट भी पैदा हो गया है। दीपक को नगर आयुक्त के आश्वासन से राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
दीपक ने बताया कि नौ जनवरी को नेशनल पैरा गेम्स गोवा में हिस्सा लेने गए थे। 15 जनवरी की रात को गोवा से लौटे और अगले दिन नगर आयुक्त से मामले की शिकायत की लेकिन नगर आयुक्त के पीए कई दिन तक मामले को टरकाते रहे। शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर होने व मदद मांगने की वीडियो वायरल हुआ तो नगर आयुक्त ने 26 जनवरी की रात को फोन आया। नगर आयुक्त ने 27 जनवरी को दीपक और सफाई नायक को बुलाकर पूछताछ की। बिना नोटिस के कार्रवाई करने पर नगर आयुक्त ने निगम अधिकारियों और स्टाफ को फटकार भी लगाई।
तीन लाख रुपये का हुआ नुकसान
दीपक ने बताया कि निगम की कार्रवाई से खोखा और पूरे सामान समेत करीब तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ। दीपक ने वर्ष 2020 में दो लाख रुपये का मुद्रा लोन लेकर खोखा रखवाया था। खोखे में पानी, चिप्स आदि सामान बेचते थे। इससे होने वाली आय से घर चलता और वह खेल पा रहे हैं। अब खोखा ही टूटने से जीवन यापन का भी संकट पैदा हो रहा है। जल्द ही खोखा चालू नहीं होता है तो भविष्य में देश के लिए खेलना भी बाधित हो सकता है।
डिस्कस व क्लब थ्रो खेलते हैं दीपक
दीपक ने बताया कि वह पैरा एथलीट के रूप में डिस्कस और क्लब थ्रो खेलते हैं। वह देश विदेश में होने वाले मुकाबलों में 30 से ज्यादा पदक भी जीत चुके हैं। दीपक ने वर्तमान में भी खेलना जारी रखा हुआ है। वह दुकान के साथ-साथ नियमित अभ्यास के लिए भी समय निकालते हैं।