गाजियाबाद। भोले बाबा के प्रवचन के बाद मची भगदड़ में जब मां गिरकर घायल हो गईं तो उन्हें साथ लेकर गईं सहेलियां उनका साथ छोड़कर भाग गईं। मां मर रही थी, लेकिन सहेलियां उनकी कोई मदद नहीं की। उन्होंने हादसे की जानकारी भी नहीं दी। हमें इसका पता हेल्पलाइन नंबर पर फोन करने पर चला। सहेलियां भी कम कसूरवार नहीं हैं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
यह पीड़ा है हाथरस हादसे में मरीं बिहारीपुरा के लाल क्वार्टर निवासी विमलेश की बेटी काजल की। काजल ने बताया कि परिवार के सभी लोगों ने प्रवचन में जाने से मना किया था लेकिन मां नहीं मानीं। उन्होंने कहा कि वह अकेली नहीं हैं, उनकी कई सहेलियां भी जा रही हैं। ये सहेलियां बाबा की अनुयायी हैं और पहले से जाती रही हैं। सहेलियों के भरोसे की वजह से ही परिवार के लोगों ने मां को जाने दिया था।
काजल ने बताया कि उन्हें भगदड़ की खबर मिली तो परिवार के सभी लोग घबरा गए। सहेलियों ने कोई सूचना नहीं दी थी। मां से संपर्क नहीं हो पा रहा था। प्रशासन ने जो हेल्पलाइन नंबर जारी किए, उन पर संपर्क किया। मृतकों की सूची में मां का नाम नहीं था, लेकिन बताया गया कि कई शव अज्ञात में हैं। उन्होंने उनके फोटो भेजे। एक फोटो मां का था। इसे देखकर पता चला कि उनकी दुनिया उजड़ गई है। बाद में सहेलियां घर लौट आईं लेकिन उन्होंने हादसे में उनकी मां के मारे जाने की सूचना नहीं दी।
मां का मोबाइल, गहने नहीं मिले
काजल ने बताया कि उनकी छोटी बहन की शादी के लिए लड़का देखने की बात चल रही थी। मां ने कहा था कि अगले महीने लड़का देखने जाना है। घर में शादी की तैयारी होने लगी थी। उनके पिता सुरेंद्र भेल फार्मा से सेवानिवृत्त हैं और दुकान चलाते हैं। वह तीन भाई बहन हैं। काजल ने बताया कि वह शादी के बाद से गुजरात में रहती हैं। उनकी बेटी अपनी नानी के पास थी। वह बेटी को नाना के पास छोड़कर गई थीं। काजल ने बताया कि मां का मोबाइल फोन, पर्स, गहने कुछ नहीं मिले।
विमलेश के पति को दिया दो लाख का चेक
शुक्रवार को विमलेश के परिजनों को प्रशासन की तरफ से दो लाख की सहायता राशि का चेक दिया गया। एसडीएम सदर अरुण दीक्षित व लेखपाल निशांत त्यागी ने विमलेश के पति सुरेंद्र को चेक सौंपा। एसडीएम ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतक श्रद्धालुओं के परिजनों को दो-दो लाख की धनराशि और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की थी। इसकी के क्रम में यह चेक दिया गया है।