ट्रॉनिका सिटी थानाक्षेत्र स्थित निजी अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिला की हालत बिगड़ने के बाद उसे दिल्ली जीटीबी अस्पताल रेफर किया गया। यहां प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की 9 मई की रात मौत हो गई। 10 मई को परिजन महिला का शव लेकर वापस निजी अस्पताल पहुंचे और जमकर हंगामा किया। आक्रोशित परिजन और भीड़ को पुलिस बल ने समझाकर शांत कराया। वहीं हंगामे के दौरान अस्पताल के डॉक्टर व कर्मचारी मौके से भाग गए। वहीं परिवार वालों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
अगरौला गांव निवासी अप्रवल मूलरूप से हरदोई के हरवल थानाक्षेत्र स्थित परसौली गांव के रहने वाले हैं। करीब 6 वर्ष से वह पत्नी अर्चना (25) और दो वर्षीय बेटे के साथ अगरौला में रह रहे थे। वह ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र स्थित कपड़ा फैक्टरी में नौकरी करते हैं। उन्होंने बताया कि 6 मई को नौ माह की गर्भवती पत्नी अर्चना को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उसका इलाज चल रहा था।
9 मई की देर रात अचानक खून की उल्टी होने के बाद डॉक्टरों ने उसे दिल्ली जीटीबी रेफर कर दिया। जब वह पत्नी को लेकर जीटीबी पहुंचे तब इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रविवार सुबह परिवार वाले बिना पोस्टमार्टम और पुलिस को बताए बिना शव को वापस निजी अस्पताल लेकर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया।
लोगों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उग्र भीड़ को देखते हुए डॉक्टर व कर्मचारी भाग गए। वहीं सूचना पर पुलिस पहुंची और भीड़ को काबू करते हुए बातचीत की। परिजनों ने अस्पताल के लाइसेंस व पंजीकरण की जांच कराने की मांग की है।
परिजन को मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ जांच का आश्वासन दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। -सिद्धार्थ गौतम, एसीपी लोनी