साहिबाबाद। सिद्धार्थ विहार और अजंतापुरम योजना में विकास कार्यों को अप्रैल से रफ्तार मिलेगी। आवास विकास परिषद की लखनऊ में हुई बैठक में करीब 120 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया जा चुका है। इसमें इन योजनाओं को विकसित करने के लिए करीब सौ करोड़ से अधिक का बजट बनाया गया है। वहीं, वसुंधरा योजना के लिए पांच से दस करोड़ रुपये का बजट बना है।
लखनऊ में बुधवार को हुई बजट समीक्षा बैठक में गाजियाबाद सर्किल के अधिकारियों ने अपना तैयार बजट रखा, जिस पर मुख्यालय स्तर पर मुहर लग चुकी है। गाजियाबाद सर्किल के अधीक्षण अभियंता राकेश चंद्रा ने बताया कि इस वर्ष अजंतापुरम योजना को शुरू करना है, ऐसे में इस योजना में मूलभूत योजनाओं के लिए बजट बनाया गया है। वर्ष 2024 के बजट में केवल बेसिक सुविधाओं पर खर्च होने वाली धनराशि को ही बजट में शामिल किया गया है। वहीं, वसुंधरा के सेक्टर-7 व 8 की योजना अभी तैयार होनी है। इसके लिए अलग से बजट बनाया जाएगा।
सड़क सीवर और पानी पर खर्च होगी बड़ी धनराशि
अजंतापुरम योजना को विकसित करने से पहले यहां मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त की जाएगी। इसके लिए सड़क सीवर और पानी की पाइपलाइन बिछाए जाने पर अधिक राशि खर्च होगी। इसके साथ बिजली का काम होना है, विद्युत खंभे लगाए जाएंगे। वहीं, सिद्धार्थ विहार में भी सड़क सीवर और पानी का काम होना है। सिद्धार्थ विहार में कई अंदरूनी सड़कें दुरुस्त की जानी हैं। वसुंधरा योजना में कुछ पुराने भवनों को दुरुस्त करने और रिनोवेशन पर बजट खर्च किया जाना है।
अजंतापुरम योजना में सभी सोसायटी की मांगी गई रिपोर्ट
बजट समीक्षा बैठक में ही आवास आयुक्त ने अजंतापुरम योजना की सभी सोसायटी की कार्य योजना रिपोर्ट मांगी थी। इस सप्ताह निर्माण खंड तीन के अधिशासी अभियंता सभी सोसायटियों की फाइल मुख्यालय में प्रस्तुत करेंगे। सभी सोसायटी की जमीन का लेखा जोखा एवं इसके विकास में होने वाले खर्च का एस्टिमेट भी तैयार किया गया है।
मूलभूत सुविधाओं के बाद शुरू होगा सोसायटी निर्माण
आविप अफसरों का कहना है कि अजंतापुरम योजना के लिए अप्रैल में सड़क निर्माण कार्य आरंभ हो जाएगा। मुख्य सड़कों के निर्माण के बाद सोसायटियों के एस्टिमेट से अंदरुनी सड़कें बनाई जाएंगी। इसके बाद विभिन्न समिति यहां बहुमंजिला सोसायटी और कॉलोनी निर्माण का कार्य शुरू कर देंगी। अजंतापुरम योजना में 12 सोसायटी करीब 345 एकड़ जमीन में बसाई जानी हैं। 12 समितियों में से तीन का लेआउट पहले ही पास किया जा चुका है। इसमें रामा कृष्णा सोसायटी, चंद्रविहार और प्रियंका सहकारी समिति हैं। इलाके अलावा अन्य नौ समितियों का लेआउट पास किया जाना बाकी है।