गाजियाबाद। मौसम में बदलाव के साथ ही अस्पतालों में इलाज कराने के लिए पुराने सांस रोगी पहुंचने लगे हैं। वायु प्रदूषण की समस्या भी इसका एक कारण बन रही है। जिले के दोनों सरकारी अस्पतालों में पिछले 15 दिनों में 1500 से अधिक सांस के मरीज पहुंचे हैं। इन मरीजों में सांस फूलने, ब्राेंकाइटिस और फेंफड़ों में सूजन के मरीज शामिल रहे।
एमएमजी अस्पताल और संयुक्त जिला अस्पताल में रोजाना तीन से साढ़े तीन हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें से बुखार और सर्दी जुकाम के अलावा खांसी, सांस लेने में परेशानी और फेंफड़ों में सूजन की समस्या के मरीज अधिक आ रहे हैं। फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि पुराने सांस रोगी और ब्राेंकाइटिस के मरीजों को मौसम में बदलाव के कारण परेशानी अधिक हो रही है। उन्होंने बताया कि घरों में दीपावली की साफ-सफाई और मौसम में ठंड गर्म का भी खासा असर पड़ रहा है। धूल के कण से सांस रोगियों की समस्या काफी हद तक बढ़ जाती है। धूल के कण सांस के जरिये फेफड़े तक पहुंच जाते हैं जिससे समस्या बढ़ने लगती है। अस्थमा रोगियों को सलाह दी जा रही है कि बाहर निकलते समय या साफ-सफाई के समय मास्क पहनें, नियमित भाप लें। खानपान का ध्यान रखें और इनहेलर अपने पास रखें।