फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad News: बाढ़ प्रभावित 11 गांव में 100 से अधिक मकान हुए क्षतिग्रस्त

विज्ञापन
विज्ञापन
लोनी। बाढ़ के चलते लोनी के 11 गांव, ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र, पूजा कॉलोनी और राम पार्क कॉलोनी के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। उधर बिजली आने पर बाढ़ से प्रभावित परिवार अब लौटने लगे है। गांव में लगभग सभी लोग वापस आ चुके हैं।
विज्ञापन



मीरपुर हिंदू गांव

मीरपुर हिंदू गांव में करीब छह हजार की आबादी है। ग्राम प्रधान अजीत ने बताया कि शुक्रवार को बाढ़ का पानी भरा था। गांव में करीब 5 से 6 फुट पानी आया था। गांव के करीब दो हजार बीघे की फसल बर्बाद हो गई है। किसानों ने यहां धान और ज्वार बो रखी थी। गांव के करीब 10 मकान गिर गए हैं। 40 मकानों में फर्श बैठ गए और दरारें आई हैं। वह अधिकारियों को सूची बनाकर दे रहे है। गांव के पीड़ितों के लिए राशन वितरण किया जा रहा है। गांव के गोशाला से चार बैटरी चोरी हो गए हैं।


बदरपुर गांव और नवादा

शोभा गोपी पाल प्रधान ने बताया कि बाढ़ का पानी आने से गांव की स्थिति गंभीर हो गई थी। ग्रामीण अपने घरों में कैद हो गए थे। प्रशासन ने गांव में दवाई, खाने की व्यवस्था, पानी के टैंकर की सुविधा दी थी। नवादा में तीन मकान गिरे हैं। 14 मकानों में दरारें आई और फर्श बैठे हैं। बदरपुर गांव में 3 मकान गिरे हैं। करीब 50 मकान में दरारें और फर्श बैठ गए हैं। दोनों गांव में करीब 150 बीघा फसल नष्ट हुई है। यहां किसानों ने धान और सब्जी बो रखी थी। उन्होंने सूची बनाई है। दोनों गांव में करीब 10 हजार की आबादी है।
विज्ञापन



इलाइचीपुर

ग्राम प्रधान हरेंद्र ने बताया कि गांव की आबादी करीब 30 हजार है। गांव में करीब चार फुट पानी आ गया था। गांव से पानी निकल चुका है। अब गांव की स्थिति ठीक है। गांव के करीब 30 मकानों में दरारें आई हैं और तीन मकान गिरे हैं। गांव की करीब डेढ़ सो बीघा फसल बर्बाद हो गई। किसानों को भारी नुकसान हुआ है। गांव का सर्वे चल रहा है।



हरमपुर और खानपुर जप्ती गांव

सुंदर सिंह खारी ने बताया कि गांव में करीब चार फुट पानी आ गया था। गांव की आबादी चार हजार हैं। इलाके के तीन घरों में दरारें आई है। एक मकान की दीवार गिरी थी। गांव के करीब 250 किसान खेती करते हैं। करीब 1000 हजार बीघा फसल खराब हो गई। यहां ज्वार, धान और सब्जी भी बो रखी थी। गांव से जाने वाले ज्यादातर ग्रामीण वापस आ गए है। गांव से पानी निकल गया है। कुछ स्थानों पर गड्ढों होने के कारण पानी भरा हुआ है। ठहरे हुए पानी में बदबू आनी शुरू हो गई है। बीमारी का खतरा हैं।


पचायरा गांव

ग्राम प्रधान वर्षा ब्राहम सिंह ने बताया कि गांव की आबादी 5 हजार हैं। गांव में बाढ़ का पानी आने से करीब 5 मकानों में दरारें आई है। गांव की करीब पांच हजार बीघा किसानों की फसल बर्बाद हो चुकी है। किसानों ने यहां धान, सब्जी बो रखी थी। फसल बर्बाद होने से किसानों को परेशानी हो रही है। वहीं जिन मकानों में दरारें आई है। उन मकानों को खाली कराया गया है।


अलीपुर गांव और नौरसपुर
ग्राम प्रधान राहुल ने बताया कि अलीपुर गांव में पानी का बहाव बहुत तेजी से आया था। करीब 4 फुट पानी आ गया था। गांव की करीब साढ़े तीन हजार आबादी है। गांव के करीब 12 मकानों में दरारें आई है और तीन मकान गिरे हैं। गांव के 100 किसानों की फसल नष्ट हो गई है। करीब दो हजार बीघा जमीन में किसानों ने धान और ज्वार की फसल बो रखी थी। उन्होंने कहा अधिकारियों से फोन पर बात हो रही है। लेकिन जमीन स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। गांव से जो लोग चले गए थे। सभी वापस आ गए है।



हकीकतपुर, सुंगरपुर गांव

ग्राम प्रधान राहुल शर्मा गांव में पांच फुट पानी आ गया। करीब 10 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। गांव से करीब 60 फीसदी लोग घर छोड़कर जा चुके थे। जो धीर-धीरे लौट रहे हैं। गांव के कई मकानों में दरारें आई हैं और किसानों का भी भारी नुकसान हुआ है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें