गाजियाबाद। कर्मचारियों से लेकर फील्ड में लगे वाहनों की जीपीएस के जरिये निगरानी रखने के लिए नगर निगम मुख्यालय में कंट्रोलरूम बनेगा। एप से कर्मचारियों की हाजिरी लगेगी।
दिल्ली- इंदौर और लखनऊ की तर्ज पर गाजियाबाद नगर निगम में कंट्रोलरूम से ऑनलाइन निगरानी की तैयारी शुरू हो गई है। नगर आयुक्त डा. विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि कंपनियों के सीएसआर फंड से एप विकसित कराया जाएगा। पूरे सिस्टम पर नजर रखने के लिए नगर निगम मुख्यालय में पांचवीं मंजिल पर कंट्रोलरूम की स्थापना की जाएगी। कौन सी कूड़ा गाड़ी कहां चल रही है, कहां रुकी है। इसका पता सिस्टम से चल जाएगा। गाड़ियों में जीपीएस लगाने का काम चल रहा है। सफाई कर्मचारी कहां पर काम कर रहे हैं, लोकेशन कहां हैं, एप से पता चलेगा। जीपीएस के जरिये अटेंडेंस का पता चलेगा। जनवरी के दूसरे सप्ताह से स्मार्ट सिस्टम काम करने लगेगा।
शहर के लोग भी जुड़ सकेंगे एप से
नगर निगम की ओर से विकसित कराए जा रहे एप से शहर की आमलोग भी जुड़ सकेंगे। एप पर अपनी समस्या और फीडबैक दे सकेंगे। नगर निगम से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या आवेदन एप के माध्यम से कर सकेंगे। जन्म प्रमाणपत्र, मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर सकेंगे। समस्याओं को भी एप के माध्यम से बता सकेंगे।
राज्य स्मार्ट सिटी मिशन के तहत काम हुआ तेज
शहर में प्रमुख चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को एक दूसरे से जोड़कर नगर निगम में कंट्रोलरूम बनाने के लिए कवायद तेज हो गई है। टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी महीने मुख्यालय पर कंट्रोल रूम का निर्माण शुरू हो जाएगा। कंट्रोलरूम में निगरानी के लिए पुलिस के कर्मचारी भी मौजूद रहेंगे। बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन रोड, बाजारों, प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। पहली किस्त भी शासन से जारी हो चुकी है।