गाजियाबाद। मसूरी के इंद्रगढ़ी में सिक्योरिटी गार्ड सोहनपाल के नाम के फर्जी दस्तावेज लगाकर शातिरों ने फाइनेंस कंपनी से एक साल पहले 7.5 लाख रुपये लोन निकाल लिया। सोहनपाल को तब इसका पता चला, जब वह बैंक शाखा में अपने नाम पर पर्सनल लोन लेने के लिए गए थे। इसका पता लगने पर उन्होंने मसूरी पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। सोहनपाल ने बताया कि उनको मकान की मरम्मत कराने के लिए पैसे की जरूरत थी इसलिए उन्होंने पास की फाइनेंस कंपनी में संपर्क किया। वहां उन्होंने आवेदन कर दिया और बैंक शाखा के प्रतिनिधि को उन्होंने अपने आधार और पैन कार्ड भी दे दिए। दो दिन सिबिल स्कोर चेक करने पर बैंक प्रतिनिधि ने उनसे बताया कि उनको लोन नहीं मिलेगा, क्योंकि उनके नाम पर पहले से ही 7.5 लाख रुपये का लोन चल रहा है। यह सुनकर उनको पैरों तले जमीन खिसक गई। जबकि, उन्होंने कभी किसी बैंक से कोई लोन नहीं लिया। जानकारी करने पर पता चला कि किसी ने फाइनेंस कंपनी में उनके नाम के आधार, पैन और अन्य दस्तावेज लगाकर उनके फर्जी दस्तखत भी कर दिए। आरोपी ने 2023 के शुरू में लोन निकाला था और वह एक साल से इसकी किस्त भी भर रहा था। दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर आरोपी ने एक बार बात की और फिर अपना नंबर बंद कर लिया। इसके बाद सोहनपाल ने थाने में शिकायत दी। एसीपी मसूरी नरेश कुमार ने बताया कि मामले में फर्जी दस्तावेज बनाने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्जकर जांच शुरू कर दी है। आरोपी की तलाश की जा रही है, जल्द उसको गिरफ्तार किया जाएगा।