गाजियाबाद। गर्भवती महिला को बिना जांच कराए हार्माेन बढ़ाने और मासिक धर्म शुरू करने की दवाई देने की शिकायत सीएमओ से की गई है। महिला का इलाज कर रही डॉक्टर ने बताया था कि वह गर्भवती नहीं है, बल्कि उनका मेनोपॉज होने वाला है। दूसरे अस्पताल में जांच कराने पर महिला के सात महीने की गर्भवती होने की पुष्टि हुई। डॉक्टर के इलाज में लापरवाही का आरोप लगा महिला के पति ने सीएमओ से शिकायत कर स्त्री रोग विशेषज्ञ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सीएमओ ने मामले में की जांच एसीएमओ डॉ. चरण सिंह को सौंपी है। विजयनगर निवासी पुनीत कुमार गोस्वामी ने सीएमओ को दिए शिकायती पत्र में बताया है कि उनकी 34 वर्षीय पत्नी के पेट में दर्द और मासिक धर्म नहीं होने की परेशानी लेकर प्रताप विहार स्थित एक महिला रोग विशेषज्ञ के पास गए थे। डॉक्टर ने विवाहिता के खून की कुछ जांच करवाई और हार्मोन असंतुलन बता इलाज शुरू किया था, लेकिन मासिक धर्म शुरू नहीं हुआ। पेट दर्द में आराम के लिए एक महीने की दवाएं दे दीं। 25 दिन तक दवाइयां लेने पर महिला को पेट दर्द में किसी तरह का आराम नहीं मिला। इसके बाद संतोष अस्पताल में डॉक्टर को दिखाया। वहां डॉक्टर ने सामान्य जांच में बताया कि महिला गर्भवती हैं, पुष्टि के लिए अल्ट्रासाउंड जांच कराने की सलाह दी। अल्ट्रासाउंड में सात महीने के गर्भवती होने की पुष्टि हुई। इलाज में लापरवाही का आरोप लगा पुनीत ने प्रताप विहार की स्त्री रोग विशेषज्ञ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सीएमओ को दिए शिकायती पत्र में कहा गया है कि डॉक्टर की लापरवाही के कारण गर्भस्थ शिशु को गंभीर नुकसान हो सकता था।