गाजियाबाद। आपत्तियों के बाद भी वार्डों के आरक्षण में कोई बदलाव नहीं हुआ है। शासन ने पूर्व में जारी अनंतिम सूची को फाइनल सूची के रूप में जारी कर चुनाव की घोषणा कर दी है। नगर निगम में 139 निवर्तमान पार्षदों ने प्रस्तावित आरक्षण सूची पर आपत्ति दाखिल की थी। नगर पालिका और नगर पंचायत के वार्डों के आरक्षण में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। लोनी से सबसे अधिक आपत्तियां की गई थीं। जिला निर्वाचन कार्यालय में कुल 182 आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार सिंह का कहना है कि आपत्तियों का निस्तारण गुणवत्ता के आधार पर किया गया था। रिपोर्ट शासन को भेज दी गई थी। आरक्षण की अंतिम सूची शासन से जारी की गई है।
निवर्तमान पार्षद अनिल स्वामी का कहना है कि आरक्षण सूची में कोई बदलाव नहीं किया गया है जो पहले जारी की गई थी वही फिर से जारी कर दी गई। ओबीसी आरक्षण आयोग ने भी टेबल वर्क किया है। निवर्तमान पार्षद राजेंद्र त्यागी का कहना है कि मेयर पद को लगातार दोबारा महिला कोटे में देकर शासन ने नगर निगम अधिनियम और कोर्ट के निर्देश की अवमानना की है। निवर्तमान पार्षद जाकिर सैफी का कहना है कि शासन ने अधिकारियों के चश्मे से वार्डों का आरक्षण किया है। निवर्तमान पार्षद नरेश जाटव ने भी भेदभाव का आरोप लगाया है।