बाजारों में दिन भर रही खुलने की चर्चा - प्रशासन से नहीं मिले हैं निर्देश, फोन लगाकर पूछते रहे व्यापारी - बाजारों को लेकर अभी करना पड़ सकता है इंतजार माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। लॉकडाउन-4 की शुरुआत होने और कुछ राज्यों में बाजार को मिली छूट के बाद जिले में भी इसको लेकर हलचल तेज है। सोमवार को बाजार खोलने को लेकर व्यापारियों में संशय की स्थिति बनी रही। व्यापारी एक दूसरे को लेकर बाजार खोलने को लेकर कॉल मिलाते रहे। गाजियाबाद जिले में बाजारों को बंद हुए करीब 60 दिन का वक्त हो चला है। 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के 2 दिन पहले से बाजारों को बंद कर दिया गया था। व्यापारियों ने लॉकडाउन में सहयोग किया और प्रतिष्ठान बंद रखे। आवश्यक वस्तुओं की बिक्री करने वाले व्यापारियों ने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। लॉकडाउन के 56 दिन बाद अब बाजारों को खोलने की सुगबुगाहट है। जिला प्रशासन ने व्यापारियों के सुझाव भी मांगे हैं लेकिन लॉकडाउन पर केंद्र की गाइडलाइन आने के बाद अब प्रदेह सरकार के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार से निर्देश आने के बाद ही व्यापारियों के साथ बैठक की जा सकती है। --- व्यापारी अपनी तरफ से सुरक्षा का पूरा आश्वासन दे चुके हैं। अब सुझाव भी तैयार हैं, जब भी जिला प्रशासन की अनुमति मिलेगी बाजार उसी के मुताबिक खोले जाएंगे। - तिलकराज अरोड़ा, प्रदेश महामंत्री पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल --- बाजारों को लेकर हमने अपने व्यापार मंडल में सभी पदाधिकारियों से चर्चा की। अपने सुझावों को भी तैयार किया है। प्रशासन के साथ अगर बैठक होती है तो सुझावों को रखकर बाजार खुलवाने की मांग की जाएगी। - संदीप बंसल, जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल --- कुछ व्यापार मंडल के साथ बातचीत करके ऑडियो इन फार्मूला बाजारों को खोलने के लिए तैयार किया है जो सुरक्षा के लिहाज से भी बेहतर होगा। बाकी जो भी निर्णय प्रशासन का होगा उसके मुताबिक बाजार खोले जाएंगे। - गोपीचंद प्रधान, अध्यक्ष महानगर उद्योग व्यापार मंडल --- अभी व्यापारियों में संशय की स्थिति है। पुराना स्टॉक देखना है और उसी के हिसाब से आगे का स्टॉक खरीदना है। व्यापारियों के सुझावों के साथ सुरक्षा का ध्यान रखते हुए बाजारों को खोलना चाहिए। धनेश मित्तल, उपाध्यक्ष अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल