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अफवाह ने बेच दिया डेढ़ करोड़ का आटा

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माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। कोरोना की रोकथाम के लिए लॉकडाउन के दिनों में प्रशासन की तमाम कवायदें बुधवार को धराशाई दिखीं। जिले को सील किए जाने की अफवाह ने बाजारों में लोगों की भी लगा दी। इसके अलावा गलियों में भी बड़ी संख्या में लोग बाहर आ गए और जरूरी वस्तुओं को खरीदकर स्टॉक करने में जुट गए। कारोबारियों का अनुमान है कि एक दिन में करीब डेढ़ करोड़ का आटा जिले में बिक गया। अफरातफरी में लोगों को महंगे दाम पर सब्जियां खरीदनी पड़ गईं। किराना मंडी, सब्जी मंडी में सबसे अधिक ग्राहक नजर आए बिना सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल किए लोगों को जरूरी सामान खरीद कर स्टॉक करने की जल्दी दिखी। बृहस्पतिवार को बाजारों में लोग नहीं दिखे। सब्जी मंडी में भी लोगों की आवाजाही बेहद कम रही जबकि बुधवार को नजारा एकदम उलट था। लॉकडाउन की शुरुआत में लोगों ने राशन का स्टॉक किया था। इसके बाद जिले को सील करने की अफवाह पर दूसरी बार सड़कों पर सबसे अधिक लोग दिखे। कारोबारियों का कहना है कि सबसे अधिक बिक्री आटे की हुई। किराना मंडी के कारोबारियों का कहना है कि पांच किलो से लेकर 50 किलो तक के आटे के कट्टे शाम तक धड़ल्ले से बिके। किराना मंडी में किसी तरह के रेट व्यापारियों ने नहीं बढ़ाया जबकि गली-मोहल्लों में एक बार फिर दुकानदारों की मनमानी की शिकायतें मिलीं और लोगों को 36 से 40 रुपये किलो तक में आटा खरीदना पड़ा। शासन ने सभी आवश्यक वस्तुओं के रेट जारी किए हैं, जिससे बड़े दुकानदार सहयोग करते हुए लोगों को शासन की सूची के आधार पर सामान दे रहे हैं। कॉलोनियों में, गलियों में लोग महंगे दाम पर सामान खरीदने के लिए मजबूर है। 15 से 50 रुपये किलो पहुंचा टमाटर: बुधवार को हुई भगदड़ ने सब्जी मंडी में रेट बढ़ाने का जबरदस्त काम किया, जो टमाटर 15 रुपये किलो तक बाजार में बेचा जा रहा था वह अब 50 रुपये किलो तक पहुंच गया है। ऐसे ही आलू और प्याज के रेट में भी 15 से 20 रुपये का इजाफा फुटकर विक्रेताओं ने कर दिया। जरूरत से ज्यादा खरीदा गया दूध: जिले को सील करने की अफवाह पर लोग सबसे अधिक दूध को लेकर परेशान हुए। लोगों को लगा के घर में बच्चों के लिए दूध नहीं मिल पाएगा। दुग्ध विक्रेता रविंद्र चौधरी ने बताया कि जो लोग किलो दूध प्रतिदिन लेते थे, उन लोगों ने पांच किलो दूध तक की डिमांड करनी शुरू कर दी। बुधवार को कई लोग तीन से पांच किलो दूध खरीद कर ले गए। --- बुधवार को अचानक से दोपहर में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ गई। ऐसे में हमने कोशिश की कि सोशल डिस्टेंसिंग के मुताबिक लोगों को सामान उपलब्ध कराया जाए लेकिन लोग कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। अनुमान है कि जिले भर में सबसे अधिक आटे की बिक्री रही है। लगभग डेढ़ करोड़ रूपए का आटा जिले में बिका है। - संदीप बंसल, थोक किराना कारोबारी
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