अशोक सिंघल का दुधेश्वर नाथ मंदिर में सम्मान करते महंत नारायण गिर
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माई सिटी रिपोर्टर
ग़ाज़ियाबाद। महंत नारायण गिरी के मंदिर के शिलान्यास में आमंत्रण ना मिलने पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि वह 1994 से अशोक सिंघल के साथ राम जन्म भूमि के अभियान से जुड़े थे। वह अगर जिंदा होते तो उन्हें जरूर आमंत्रण मिलता। महंत नारायण गिरी ने बताया कि चार अप्रैल 1991 नई दिल्ली वोट क्लब पर अशोक सिंघल के नेतृत्व में 25 लाख लोगों का विराट धर्म सम्मेलन हुआ था। वहां पर अटल बिहारी वाजपेई ने बोला था कि श्री राम मन्दिर अवश्य बनेगा कोई भी विश्व की ताकत कोई भी राजनैतिक दल कोई भी समाज नहीं रोक सकता है। इतने वर्षों बाद उनकी बात सच हुई मैं भी उस वक़्त था लेकिन 1984 में अशोक सिंघल के साथ पूर्ण रूप से श्री राम जन्म भूमि से जुड़ा। आशोक सिंघल जी हमारा बहुत सम्मान करते थे अक्सर श्री दूधेश्वर नाथ मन्दिर आते थे ,उनकी प्रेरणा से ही श्री दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान प्रारम्भ हुई। आज अगर अशोक सिंघल जी होते तो अवश्य ही जितने सन्तो ने श्रीराम जन्म भूमि के लिये संघर्ष किया है उन सभी को पूर्ण सम्मान देते उनको अवश्य शिलान्यास के अवसर पर निमंत्रित करते ,लेकिन अभी वर्तमान में कुछ ऐसे पदाधिकारी आ गये है जिनमे किसी के प्रति कोई आस्था श्रद्धा भाव नहीं है ,जिन सन्त विभूतियों ने अपना पूरा जीवन श्री राम जन्म भूमि न्यास के लिये लगा दिया ना उनको निमंत्रण दिया ना ही कभी पर उनका नाम है उनको कोई सम्मान नहीं दिया है ,मैं मानता हूं कि अभी वैश्विक महामारी कोरोना है ,लेकिन जब 150 लोगों वहां पर बुला रहे हैं तो कम से कम जिन सन्तो ने अपने जीवन में 30/40 वर्ष श्रीराम जन्मभूमि के लिये लगा दिया उनको सम्मान तो देते। उन्होंने कहा कि पांच अगस्त को श्रीराम जन्म भूमि का शिलान्यास हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कर रहे हैं यह यह सभी हिन्दुओं के लिये हर्ष का बहुत ही खुशी की बात है।