गाजियाबाद। साइबर अपराधी काल करके घर बैठे कमाई का झांसा देते हैं। जो झांसे में आ जाए, उसे लाइक और कमेंट का टास्क दिया जाता है। पहले कुछ कमाई कराई जाती है। फिर इसे भेजने के बहाने बैंक खाते की जानकारी ले ली जाती है। इसके बाद खाता साफ कर दिया जाता है। पिछले कुछ समय से इसी तरह से ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। कई केस में टास्क देने के बाद निवेश कराकर मोटी कमाई का लालच दिया गया और फिर जमा-पूंजी साफ कर दी गई। साइबर सेल लोगों को टास्क के चक्कर में न आने की सलाह दे रही है। इसके बावजूद कुछ और लोग ठगों के शिकार बन गए।
साफ्टवेयर इंजीनियर से ठग लिए 12 लाख रुपये
केस-1
टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर टास्क पूरा करने पर कमाई का झांसा देकर साइबर अपराधियों ने राजनगर एक्सटेंशन निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवती से 12 लाख रुपये ठग लिए। शातिरों ने पहले उन्हें टास्क देकर कमाई का झांसा दिया बाद में निवेश के बाद अच्छे रिटर्न के नाम पर रकम हड़प ली। बहुराष्ट्रीय कंपनी में टीम लीडर के पद पर तैनात युवती ने बताया कि वह नौकरी के साथ अतिरिक्त कमाई के लिए ऑनलाइन काम देख रही थीं। इस दौरान व्हाट्सएप पर एक लिंक से टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया। उन्हें निवेश पर 30 से 50 फीसदी तक का मुनाफा दिलवाने की बात की गई थी। उन्हें इंस्टाग्राम व यूट्यूब के वीडियो और चैनल को लाइक करने के टास्क दिए गए। शुरुआत में उनकी कमाई कराई गई। उन्हें भरोसा हो गया तो बाद में उन्होंने ज्यादा रकम निवेश करा ली। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने नंदग्राम पुलिस से शिकायत कर केस दर्ज कराया है। एसीपी नंदग्राम रवि कुमार ने बताया कि मामले में साइबर सेल की मदद लेकर शातिरों को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है।
युवक ने गंवाए आठ लाख रुपये
केस-2
इंदिरापुरम। वसुंधरा सेक्टर-3 में रहने वाले युवक सुनील कुमार ने पुलिस को शिकायत देकर बताया है कि उनके पास पार्ट टाइम जॉब का मैसेज आया था। उसमें गूगल मैप से होटलों की समीक्षा करने पर 500 से 600 रुपये रोज कमाने की बात थी। फोन पर बात होने के बाद ठग ने टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया। इसके बाद उन्हें टास्क दिए गए। शुरु में मैसेज आए कि उनकी कमाई हो रही है। जब उन्हें यकीन हो गया कि उनके साथ कोई ठगी नहीं हो रही है, तब उन्हें निवेश करके मोटा मुनाफा करने का लालच दिया गया। निवेश के नाम पर उनसे कई बार में आठ लाख 14 हजार रुपये ले लिए गए। इसके बाद ठगों ने उन्हें टेलीग्राम ग्रुप से अलग कर दिया। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की। यह मामला साइबर सेल के पास भेजा गया है।